नई दिल्ली, मार्च 8। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को वैश्विक निवेशकों को संबोधित करेंगे। ये संबोधन सीपीएसई के निजीकरण, संपत्ति मुद्रीकरण की रणनीति और भारत के विकास में उनके योगदान पर होगा। वे वैश्विक निवेशकों के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और कानूनी क्षेत्र के विशेषज्ञों को संबोधित करेंगे। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम), नीति आयोग के सहयोग से, टॉप लेवल कंसल्टेटिव पोस्ट-बजट वेबिनार का आयोजन कर रहा है, जिसमें 22 मंत्रालयों और पीएसई के वरिष्ठ प्रबंधन की भागीदारी दिखाई देगी।

कौन कौन होगा शामिल
इस कार्यक्रम में वैश्विक सॉवरेन फंड, निजी इक्विटी, वैश्विक पेंशन फंड, निवेश बैंक, एसेट मोनेटाइजेशन कंपनियां विशेष रूप से रियल एस्टेट, इंफ्रा, और कानूनी विशेषज्ञ और अन्य हितधारकों भी होंगे। ये सब लोग उत्तरी अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व, एशिया और सुदूर पूर्व और ऑस्ट्रेलिया से होंगे।
दीपम का उद्देश्य
इस वेबिनार से दीपम का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के निजीकरण/विनिवेश और कोर संपत्ति के मुद्रीकरण (बेच कर धन जुटाना) के संबंध में एक समयबद्ध कार्यान्वयन योजना/रणनीति तैयार करने के लिए क्षेत्रीय विशेषज्ञों, निवेशकों के समुदाय और अन्य प्रमुख हितधारकों से विचार प्राप्त करना है। वेबिनार के कंक्लूडिंग सेशन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना संबोधन देंगी। सरकार ने 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में सीपीएसई के विनिवेश/निजीकरण से 65,000 करोड़ रुपये का बजट लक्ष्य निर्धारित किया है।
चालू वित्त वर्ष के लिए लक्ष्य
चालू वित्त वर्ष में, विनिवेश लक्ष्य को संशोधित अनुमानों में घटाकर 78,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो बजट में 1.75 लाख करोड़ रुपये था। इस वित्त वर्ष में अब तक सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री और एयर इंडिया के निजीकरण से 12,400 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई है। सरकार का इरादा चालू वित्त वर्ष में एलआई की आईपीओ लाने का भी था। मगर रूस-यूक्रेन विवाद के कारण बाजार में आई अस्थिरता के चलते सरकार उसे अगले वित्त वर्ष के लिए टाल सकती है।


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