नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से कोरोनावायरस के आर्थिक प्रभाव से लड़ने के लिए युद्धस्तर पर योजना तैयार करने को कहा है। इस मौके पर उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संकट 'मेक-इन-इंडिया' कार्यक्रम को बढ़ावा देने और अन्य देशों पर निर्भरता कम करने का एक अवसर है। कोरोनोवायरस से निपटने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद मंत्रियों की परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोलने का संकेत दिया और कहा कि उन विभागों को धीरे-धीरे खोला जाए जहां हॉटस्पॉट नहीं हैं। अर्थव्यवस्था पर COVID-19 के प्रभाव के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार को इसका प्रभाव कम करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना चाहिए।

10 प्रमुख फैसले और प्राथमिक क्षेत्रों की सूची बनाएं
एक बार लॉकडाउन समाप्त होने के बाद उभरती परिस्थितियों के लिए रणनीतिक आवश्यकता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने मंत्रियों को एक साथ दस प्रमुख फैसलों और ध्यान देने के लिए दस प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की सूची तैयार करने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि अपने मंत्रालयों में लंबित सुधारों को पहचानें और उन्हें लागू करें। पीएम के मुताबिक मंत्रालयों को एक कारोबारी योजना तैयार करनी चाहिए और युद्धस्तर पर COVID-19 के आर्थिक प्रभाव से लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने इस संकट वाली स्थिति को मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और अन्य देशों पर निर्भरता को कम करने का भी अवसर कहा।
पीएम ने बताया निर्यात का महत्व
भारत के निर्यात पर प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सुझाव पेश करें और यह सुनिश्चित करें कि भारत के निर्यात में नए क्षेत्रों और देशों को जोड़ा जाए। पीएम ने किसानों और फसलों की कटाई पर कोरोना के प्रभाव भी चर्चा की। उन्होंने मंत्रियों को मंडियों से जोड़ने के लिए ऐप-आधारित कैब सेवाओं की तर्ज पर 'ट्रक एग्रीगेटर्स' जैसे अभिनव समाधानों का उपयोग करने के लिए कहा। उन्होंने खाद्य चीजों की सप्लाई और मांग पर नजर रखने, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के प्रभावी कार्यान्वयन, राज्य और जिला अधिकारियों के साथ संपर्क में रहने, ग्रामीण क्षेत्रों और ग्रास रूट संस्थानों में आरोग्य सेतु ऐप को लोकप्रिय बनाने को भी कहा।
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