कल यानी 7 दिसंबर को वन रैंक वन पेंशन योजना को लागू हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं. इस खुशी के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा करते हुए कई बाते कही है. उन्होंने ये भी कहा की सरकार देश के सशस्त्र बलों को मजूबत करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहती है.

7 नवंबर 2014 के दिन पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने वन रैंक वन पेंशन (OROP) स्कीम की शुरुआत की थी. कल यानी 7 नवंबर 2024 को इस योजना लागू हुए 10 साल बीत चुके है. इस योजना का उद्देश्य ऐसे सैन्यकर्मियों को समान पेंशन का अधिकार देना था. जो रिटायरमेंट की तारीख से अलग समान रैंक पर रिटायर हुए है.
25 लाख से ज्यादा लोगों को मिल चुका है फायदा
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक वन रैंक, वन पेंशन की इस योजना से अब तक 25 लाख से ज्यादा सशस्त्र बल पेंशनर्स को फायदा पहुंचा है. यह भी पता चला है कि इस स्कीम में हर साल के भीतर पेंशन को फिर से रिवाइज किया जाता है.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना में आखिरी बार संशोधन जुलाई 2024 में हुआ था. वहीं इन 10 सालों में इस योजना के तहत अब तक 1,24,974.34 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. पहले पेंशन पाने के लिए पूर्व सैनिकों को वेतन आयोग से सिफारिशे करनी पड़ती है.
ऐसे में वन रैंक वन योजना सैनिकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है. अब उत्तर प्रदेश और पंजाब के सैनिक इस योजना के तहत लाभ पाने में सबसे आगे हैं. वहीं ये भी पता चलता है कि 30 जून 2014 को इस योजना में आर्म्ड फोर्सेस के रिटायर कर्मचारियों को शामिल किया गया था.
पीएम मोदी ने जाताई खुशी
हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना के 10 साल पूरे होने की खुशी में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक पोस्ट साझा की है. उन्होंने लिखा की जिन सैनिकों ने हमारे देश के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. वन रैंक वन पेंशन उन सैनिकों ने लिए बनाई गई है.


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