भारत में नए कोरोनावायरस कोविड-19 के मामले 700 के पार पहुंच गए हैं। अबतक कोरोना से 17 मरीजों की मौत हुई है।
नई दिल्ली: भारत में नए कोरोनावायरस कोविड-19 के मामले 700 के पार पहुंच गए हैं। अबतक कोरोना से 17 मरीजों की मौत हुई है। ऐसे में अर्थव्यस्था की रफ्तार को भी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान के खतरे को देखते हुए केंद्रीय बैंक आरबीआई ने शुक्रवार को बड़ा एलान किया है। आम जनता को लॉकडाउन के दौरान कोई असुविधा न हो इसके लिए उन्होंने सभी तरह के लोन सस्ते करने की बात कही वहीं, रेपो रेट में कटौती का भी ऐलान किया। इसके अलवा गवर्नर शक्तिकांत दास ने तीन महीने तक ईएमआई देने में राहत का भी एलान किया गया। जी हां रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की बड़ी कटौती कर दी। इस कटौती के बाद अब रेपो रेट घटकर 4.4 फीसदी रह गया है। इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर भी 0.90 फीसदी घटाकर इसे 4 फीसदी पर ला दिया। वहीं, कैश रिजर्व रेश्यो (सीआरआर) में भी एक फीसदी की कटौती की।
पीएम मोदी ने आरबीआई के एलानों की तारीफ की
कोरोना संकट के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उठाए गए कदमों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दे दी है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, हमारी अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस के प्रभाव से बचाने के लिए आज आरबीआई ने कई बड़े कदम उठाए हैं। आरबीआई के कदमों की तारीफ की है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने इसको लेकर एक ट्वीट किया है और लिखा है कि-''आज आरबीआई ने कोरोना वायरस के असर से हमारी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। ये घोषणाएं लिक्विडिटी को बढ़ाएंगी, फंड की लागत को कम करेंगी और इसके साथ ही कारोबार और मध्यम वर्ग को इनसे मदद मिलेगी।''
आरबीआई के फैसले पर अन्य प्रतिक्रिया
इसके साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कोरोना संकट के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रेपो दर में कटौती के फैसले का शुक्रवार को स्वागत किया।
वहीं पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा कि ‘‘मैं रेपो रेट में कटौती के आरबीआई के फैसले और अधिक नकदी प्रदान करने के लिए उठाए कदमों का स्वागत करता हूं। बहरहाल, ईएमआई की तिथि आगे बढ़ाने पर आरबीआई का निर्देश अस्पष्ट है और यह अधूरे मन से किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मैंने सुझाव दिया था कि सभी तिथियों को 30 जून तक बढ़ाया जाए। अब कर्ज लेने वालों को बैंकों पर निर्भर बना दिया गया है और वे निराश होंगे। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेट में 0.75 फीसदी की कटौती सहित कई निर्णयों की घोषणा की।
वित्त मंत्री ने भी आरबीआई के उठाए गए कदमों की सराहना
बता दें कि पीएम मोदी के इस कथन से आरबीआई का भी हौंसला बढ़ा है। बता दें कि मीडिया को संबोधित करते हुए गवर्नर शक्तिकांत दास ने कोरोना वायरस से बैंकों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, भारतीय बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित और मजबूत है लेकिन हाल के दिनों में शेयर बाजार में कोरोना वायरस से संबंधित अस्थिरता ने बैंकों के शेयर की कीमतों को प्रभावित किया, जिसका नतीजा ये हुआ कि लोगों ने घबराकर कुछ निजी क्षेत्र के बैंकों से जमा राशि निकाल लिया।
इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इसको लेकर अपनी बातें रखी। आरबीआई के उठाए गए कदमों को लेकर संतोष जताया और इसको लेकर ट्वीट किए।
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