प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार कार्यक्रम लॉन्च कर दिया।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार कार्यक्रम लॉन्च कर दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये इस मुहिम की शुरुआत की। इस स्कीम की वर्चुअल लॉन्चिंग हुई। इस दौरान उन्होंने एक करोड़ 25 लाख लोगों को रोजगार देने के इस अभियान के कुछ लाभार्थियों से वार्ता भी की। पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना संक्रमण प्रसार के बड़े संकट के काल में भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के हर कदम की प्रशंसा करने के साथ ही उनके काम को वंदनीय बताया। वर्चुअल लॉन्च के दौरान पीएम मोदी ने यूपी के 6 जिलों के ग्रामीणों से कॉमन सर्विस सेंटर या कृषि विज्ञान केंद्र के जरिए बातचीत की।

योगी सरकार 85 हजार जीवन बचाने में कामयाब
- इस मौके पर पीएम ने कहा कि जो मेहनत यूपी की सरकार ने की है, हम कह सकते हैं कि एक प्रकार से अब तक कम से कम 85 हजार लोगों का जीवन बचाने में वो कामयाब हुई है।
- ये सब उस स्थिति में हुआ जब देशभर से करीब 30 लाख से अधिक श्रमिक साथी, कामगार साथी, यूपी में पिछले कुछ हफ्तों में अपने गांव लौटे थे।
- सैकड़ों श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलवाकर यूपी सरकार ने मुश्किल में फंसे अपने लोगों को वापस बुला लिया था।
- यूपी में 2017 से पहले वाली सरकारें होतीं, तो अस्पतालों की संख्या का बहाना बनाकर, बिस्तरों की संख्या का बहाना बनाकर, इस चुनौती को टाल देती। योगी जी ने, उनकी सरकार ने, हालात की गंभीरता को समझा। उन्होंने और उनकी सरकार ने युद्धस्तर पर काम किया। क्वारंटीन सेंटर हो, आइसोलेशन की सुविधा हो, इसके निर्माण के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई।
प्रदेश में करीब 30 लाख प्रवासी श्रमिक वापस लौटे
उत्तर प्रदेश में करीब 30 लाख प्रवासी श्रमिक अपने-अपने घर वापस लौट चुके हैं। प्रदेश के 31 जिलों में 25,000 से भी अधिक प्रवासी श्रमिक अपने घर वापस आ चुके हैं। इनमें 5 आकांक्षी जिले भी शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने उद्योग और अन्य संगठनों के साथ साझेदारी करते हुए एक अनूठी पहल आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान की परिकल्पना की है जिसके तहत भारत सरकार और राज्य सरकार के कार्यक्रमों में सामंजस्य स्थापित किया गया है। यह अभियान रोजगार प्रदान करने, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए औद्योगिक संघों और अन्य संगठनों के साथ साझेदारी करने पर विशेष रूप से केंद्रित है।
महामारी का सामान्य कामगारों, विशेषकर प्रवासी श्रमिकों पर प्रतिकूल असर हुआ है। बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने-अपने राज्य वापस लौट चुके हैं। ऐसी स्थिति में भारत सरकार ने विभिन्न सेक्टरों में विकास को नई गति प्रदान करने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की। वहीं देश के पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढांचागत सुविधाएं तैयार करने पर विशेष जोर देते हुए रोजगार सृजन के लिए 20 जून, 2020 को गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारंभ किया गया। केंद्र की तरफ से 125 दिनों का यह अभियान मिशन मोड में चलाया जाएगा। 50 हजार करोड़ रुपये के फंड से एक तरफ प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विभिन्न प्रकार के 25 कार्यों को तेजी से कराया जाएगा। वहीं दूसरे ओर देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
करीब 1.25 करोड़ कामगारों को होगा लाभ
प्रदेश सरकार का कहना है कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार कार्यक्रम के अंतर्गत 1.25 करोड़ कामगारों का विभिन्न परियोजनाओं में नियोजन होगा। बता दें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए राज्य में प्रवासी कामगारों के आने के साथ ही स्किल मैपिंग का काम पहले ही शुरू करया था। प्रदेश सरकार के अनुसार, उसके पास 36 लाख प्रवासी श्रमिकों का पूरा डेटा बैंक मैपिंग के साथ तैयार है।


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