Semicon India 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया-2025 का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय यह सम्मेलन देश में एक मजबूत, लचीले और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि विक्रम 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर को पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह प्रोसेसर और सरकार के स्वीकृत चार परियोजनाओं के टेस्टिंग चिप्स भेंट किए गए, जो सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
PM Modi ने क्या कहा?
सेमीकॉन इंडिया 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है, दुनिया भारत में विश्वास करती है और दुनिया भारत के साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने के लिए तैयार है। सेमीकॉन इंडिया 2025 में वैश्विक कंपनियों से 'मेक इन इंडिया' का आग्रह करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हम एक उत्पाद राष्ट्र बनने की राह पर हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत महत्वपूर्ण खनिज मिशन पर काम कर रहा है और दुर्लभ खनिजों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सेमीकॉन इंडिया 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 2021 से 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं में 18 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश स्वीकृत किया जा रहा है
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर इंडिया 2025 में कहा कि हमारा सेमीकंडक्टर उद्योग केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है, हम ऐसा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बना रहे हैं जो भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाएगा।
मोदी ने कहा कि नोएडा और बेंगलुरु स्थित डिजाइन केंद्र दुनिया की कुछ सबसे एडवांस चिप्स बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग की चुनौतियों पर काम कर रहा है।
सेमीकॉन इंडिया 2025 में उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत की सबसे छोटी चिप दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर बाजार जल्द ही 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर जाएगा और जिस तरह से भारत सेमीकंडक्टर बाजार में प्रगति कर रहा है, उससे देश 1 ट्रिलियन डॉलर के उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
पीएम मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर वैश्विक बाजार 600 अरब डॉलर तक पहुंच रहा है।
भारत का पहला स्वदेशी 32-बिट प्रोसेसर
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) और सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (SCL) ने संयुक्त रूप से डेवलप विक्रम 3201, लॉन्च यानों के कठोर वातावरण में यूज के लिए उपयुक्त पहला स्वदेशी 32-बिट प्रोसेसर है। इस चिप को -55°C से +125°C तक के अत्यधिक तापमान को सहने के लिए डिजाइन किया गया है, और यह अंतरिक्ष अभियानों के दौरान नेविगेशन और कंट्रोल कामों में विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।


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