प्रधानमंत्री Narendra Modi इन दिनों इजराइल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वहां पहुंचने पर इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने उनका स्वागत किया। इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

संसद में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इजराइल के संबंध भरोसे और सहयोग पर आधारित हैं, और आने वाले समय में इन्हें और मजबूत किया जाएगा।
भारत और इजराइल के बीच दोस्ती केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, कृषि और तकनीक जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग देखने को मिलता है। खास तौर पर व्यापार के आंकड़े बताते हैं कि दोनों देशों के आर्थिक संबंध संतुलित और मजबूत दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
हाल के आंकड़े क्या कहते हैं?
सितंबर 2025 के व्यापार आंकड़ों के अनुसार, भारत को इजराइल के साथ लेन-देन में फायदा हुआ। इस महीने भारत ने करीब 178 मिलियन डॉलर का सामान इजराइल को भेजा, जबकि वहां से लगभग 121 मिलियन डॉलर का आयात किया। इस तरह भारत को करीब 56 मिलियन डॉलर से ज्यादा का फायदा हुआ।
हालांकि पिछले साल के मुकाबले निर्यात में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। सितंबर 2024 में निर्यात करीब 188 मिलियन डॉलर था, जो इस साल थोड़ा कम रहा। वहीं आयात में और ज्यादा कमी आई है। पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम माल इजराइल से मंगाया गया।
किन वस्तुओं का होता है प्रमुख कारोबार?
भारत इजराइल को कई प्रकार के प्रोडक्ट निर्यात करता है। इनमें अर्ध-कीमती पत्थर बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामान, इंजीनियरिंग सामान, मशीनें और कपड़े भी भेजे जाते हैं। कुछ कृषि प्रोडक्ट भी इजराइल के बाजार में अपनी जगह बना रहे हैं।
दूसरी ओर, भारत इजराइल से मुख्य रूप से उर्वरक और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स खरीदता है। खेती के क्षेत्र में उर्वरक की जरूरत को देखते हुए यह आयात अहम माना जाता है। तकनीकी उपकरण और विशेष मशीनरी भी इजराइल से आती है।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बढ़ सकती है रफ्तार
दोनों देश फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं। अगर यह समझौता लागू होता है, तो व्यापार और आसान हो सकता है। टैक्स में कमी आने से भारतीय सामान इजराइल में ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकता है। इससे छोटे उद्योगों, निर्यातकों और किसानों को फायदा मिल सकता है।
व्यापार से आगे की साझेदारी
भारत और इजराइल के रिश्ते केवल कारोबार तक सीमित नहीं हैं। रक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा और आधुनिक कृषि तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी मजबूत हो रही है। कई भारतीय राज्यों में इजराइल की मदद से खेती की नई तकनीक अपनाई गई है, जिससे किसानों की इनकम बढ़ाने में मदद मिली है।
पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में निवेश, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। भारत-इजराइल संबंध लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं।
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