नयी दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्टार्ट-अप और टेक समुदाय को "आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज" में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। प्रधानमंत्री ने लोगों द्वारा पहले से उपयोग किए जा रहे सबसे अच्छे भारतीय ऐप की पहचान करने के लिए "आत्मनिर्भर भारत इनोवेशन चैलेंज" शुरू किया है। मगर इन ऐप्स में आगे बढ़ने और वर्ल्ड क्लास ऐप बनने की क्षमता होनी चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये चैलेंज सोशल नेटवर्किंग, एंटरटेनमेंट, ई-लर्निंग और गैमिंग सहित कुल 8 कैटेगरी में लॉन्च किया गया है। खास बात ये है कि हर कैटेगरी के ही पहले विजेता को 20 लाख रु का इनाम दिया जाएगा।
तैयार होगा आत्मनिर्भर ऐप ईकोसिस्टम
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि चैलेंज एक "आत्मनिर्भर ऐप इकोसिस्टम" बनाने में मदद करेगा। उन्होंने लिंक्डइन पर एक लेख में कहा कि "कौन जानता है, मैं भी आपके द्वारा बनाए गए इन ऐप में से कुछ का उपयोग कर सकता हूं"। घोषणा के मुताबिक विचारों और उत्पादों को सुविधाजनक बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अटल इनोवेशन मिशन के साथ आत्मानिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज शुरू कर रहा है। मालूम हो कि मई में 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने "आत्मनिर्भर भारत'' अभियान की बात भी कही थी। उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पादों के लिए मुखर (Vocal For Local) होने का आग्रह किया था।
किसके लिए है चैलेंज
पीएम मोदी ने कहा कि ऐप इनोवेशन चैलेंज उन लोगों के लिए है जिनके पास इस तरह के वर्किंग प्रोडक्ट हैं या यदि उन्हें लगता है कि उनके पास ऐसे प्रोडक्ट बनाने के लिए विजन और विशेषज्ञता है। उन्होंने कहा कि मैं टेक समुदाय में अपने सभी दोस्तों से भाग लेने का आग्रह करता हूं। पीएम के मुताबिक भारत में एक बहुत ही जीवंत तकनीक और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है। स्टार्ट-अप और टेक समुदाय को इस उद्देश्य को प्राप्त करने में मदद करने के लिए, चैलेंज दो ट्रैक में चलेगा, जिसमें मौजूदा ऐप्स का प्रमोशन और नए ऐप्स का डेवलपमेंट शामिल हैं।
भारतीय खेलों को आगे बढ़ाना है
पीएम मोदी ने कहा है कि क्या हम पारंपरिक भारतीय खेलों को ऐप्स के माध्यम से अधिक लोकप्रिय बनाने के बारे में सोच सकते हैं? क्या हम सीखने, गेमिंग के लिए सही आयु वर्ग के लिए लक्षित और स्मार्ट पहुंच वाले ऐप्स विकसित कर सकते हैं? क्या हम पुनर्वास में लोगों के लिए गेमिंग ऐप विकसित कर सकते हैं या उनकी मदद करने के लिए काउंसलिंग कर सकते हैं? ऐसे कई सवाल हैं और सिर्फ तकनीक से ही इन सवालों का रचनात्मक तरीके से जवाब मिल सकता है। पीएम के अनुसार इस चैलेंज को इसे और अधिक समग्र बनाने के लिए संयुक्त रूप से सरकार और तकनीकी समुदाय के सदस्यों द्वारा आयोजित किया जाएगा।
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