नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का असर खादी की बिक्री पर देखने को मिला है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत पीएम मोदी ने वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने की अपील की थी, जिसका नतीजा ये हुआ कि खादी की बिक्री करोड़ों में पहुंच गई है। खादी के सेल्स आउटलेट पर बिक्री में काफी जबरदस्त सेल देखने को मिली है। क्नॉट प्लेस, दिल्ली में मौजूद खादी इंडिया के मुख्य केंद्र पर दिवाली से एक दिन पहले यानी 13 नवंबर को करीब 1.11 करोड़ रु की खादी की सेल्स दर्ज हुई। ये 2020 में सबसे अधिक बिक्री का आंकड़ा है।
4 बार सेल्स 1 करोड़ रु के पार रही सेल
इस साल 2 अक्टूबर के बाद से 4 बार खादी की सेल 1 करोड़ रु से अधिक की रही है। इस बात का खुलासा एमएसएमई मंत्रालय की तरफ से जारी की गई प्रेस रिलीज में हुआ है। एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष 2 अक्टूबर से अब तक केवल 40 दिनों की अवधि में खादी की सिंगल-डे बिक्री का आंकड़ा नई दिल्ली के कनॉट प्लेस के प्रमुख खादी इंडिया आउटलेट में 4 बार 1 करोड़ रुपये से अधिक रहा है। 13 नवंबर को इस आउटलेट की कुल बिक्री 1.11 करोड़ रुपये रही, जो इस साल की सबसे अधिक सिंगल-डे बिक्री है।
कब-कब छुआ 1 करोड़ रु का आंकड़ा
लॉकडाउन के बाद व्यावसायिक गतिविधियां फिर से शुरू हुईं। इसके बाद खादी की बिक्री का आंकड़ा इस साल गांधी जयंती (2 अक्टूबर) को 1.02 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। इसके बाद 24 अक्टूबर को 1.05 करोड़ रुपये और 7 नवंबर को 1.06 करोड़ रुपये की खादी की बिक्री हुई। इससे पहले 2018 में भी खादी की सिंगल-डे बिक्री चार मौकों पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा रही थी। 2018 में 13 अक्टूबर को 1.25 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी, जो उस साल की उच्चतम सिंगल-डे बिक्री थी। जहां तक आज तक की हाइएस्ट सिंगल-डे बिक्री का सवाल है तो 2 अक्टूबर 2019 को खादी की 1.27 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी।
पीएम मोदी की अपील का असर
खादी की इस रिकॉर्ड बिक्री का श्रेय पीएम मोदी को दिया जा राह है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना के मुताबिक खादी की खरीदारी के लिए देश को प्रेरित पीएम मोदी ने ही किया। इस बिक्री से खादी के कारीगरों की मदद हो रही है जिस पर उन्होंने खुशी जताई। खादी के कारीगर कोरोना संकट में लगातार काम करते रहे।
वोकल फॉर लोकल
पीएम मोदी ने मई में कोरोना महामारी के बीच देश को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत अभियान और वोकल फॉर लोकल का ऐलान किया था। तब उन्होंने कहा था कि कोरोना महामारी के दौरान हमें लोकल ने ही बचाया है। वोकल फॉर लोकल का मतलब है स्थानीय चीजों के प्रोडक्शन और खरीदारी को बढ़ावा देना ताकि देश के उद्मियों को फायदा मिले। ये भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम था। उसी दौरान पीएम ने 20 लाख करोड़ रु के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का ऐलान किया था।


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