पूरे देश में कोरोनावायरस की वजह काफी असर पड़ रहा है। अब दुनिया के लगभग सभी देशों तक यह पहुंच चुका है। देश में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 176 हो गई है।
नई दिल्ली: पूरे देश में कोरोनावायरस की वजह काफी असर पड़ रहा है। अब दुनिया के लगभग सभी देशों तक यह पहुंच चुका है। देश में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 176 हो गई है। लगातार वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए आज यानि गुरुवार को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र के नाम अपना संदेश जारी किया। कोरोनावायरस के बढ़ते पॉजिटिव केसों से मची अफरा-तफरी को देखते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों के हित में अपनी बातें रखी।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोनावायरस एक वैश्विक महामारी है और इससे लड़ने के लिए देशवासियों को एकजुटता से संकल्प लेना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोनावायरस का देश की अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक असर पड़ेगा। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री के नेतृत्व में एक इकोनॉमिक रिस्पॉन्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
जानिए क्या करेगी टास्क फोर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बताया कि वित्त मंत्री कोविड-19 टास्क फोर्स की अध्यक्ष होंगी। ये भी सुनिश्चित करेंगी कि आर्थिक मुश्किलों को कम करने के लिए जितने भी कदम उठाए जाएं, उन पर प्रभावी रूप से अमल हो। वहीं संकट के इस समय में मेरा देश के व्यापारी जगत, उच्च आय वर्ग से भी आग्रह है कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें।
भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा करोना का असर
इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि इस महामारी से हम सभी को मिलकर लड़ना होगा। ऐसे में यह जरूरी है कि हाई इनकम वाले लोग इस बात का ध्यान रखें कि जो लोग उनके यहां काम करते हैं, अगर वो किसी वजह से काम पर ना आ पाएं तो उनका वेतन ना रोकें। उनके वेतन में कटौती ना करें। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोनावायरस का असर वैश्विक है। दुनिया के विकसित देश इस वायरस की चपेट में हैं। ऐसी स्थिति में भारत पर भी इस वायरस के असर से इनकार नहीं किया जा सकता। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक रूप से पड़ेगा।
वैश्विक आर्थिक मंदी के खतरे की चिंता
बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच ने कोरोनावायरस की वजह से वैश्विक आर्थिक मंदी के खतरे की चिंता जताई है। इससे भारत की आर्थिक वृद्धि दर पर भी असर होगा। जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 0.90 प्रतिशत घटा कर 3.1 प्रतिशत कर दिया है। इसी तरह उसने पूरे वित्त वर्ष के जीडीपी वृद्धि के अनुमान को पूरे एक प्रतिशत कम कर के 4.1 प्रतिशत पर रखा है। कारोना वायरस महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था तेजी से मंदी की ओर बढ़ रही है। इसे देखते हुए इस वित्तीय सेवा कंपनी ने भारत की वृद्धि के अनुमान को दो दिन में दो बार घटाया है।


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