Modi-Trump Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका पहुंच गए हैं. US पहुंचने पर एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत हुआ. वे 2 दिन के दौरे पर हैं. यहां अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप, एलन मस्क समेत अन्य कई अहम लोगों के मुलाकात होगी. सबकी निगाहें मोदी और ट्रंप की मुलाकात पर है. क्योंकि यह ऐसा समय है जब ट्रंप टैरिफ और अवैध अप्रवासी को लेकर सख्ती बरत रहे. ऐसे में पीएम मोदी कई जरूरी मुद्दों पर प्रेसिडेंट ट्रंप से बात कर सकते हैं.
अवैध अप्रवासी भारतीयों पर बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अवैध अप्रवासी भारतीय का मुद्दा अहम रह सकता है. क्योंकि अमेरिका में 7 लाख 25 हजार से ज्यादा अवैध अप्रवासी भारतीय रहते हैं. बता दें कि इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने बिना वैलिड डॉक्युमेंट्स वाले 20,407 भारतीयों को मार्क्ड किया है. 2467 भारतीय इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के डिटेंशन सेंटर्स में हैं, जिसमें से 104 को पिछले हफ्ते भारत डिपोर्ट किया जा चुका है.
टैरिफ को लेकर बनेगी बात
अमेरिका आक्रामक रूप से टैरिफ पर काम कर रहा. इसके तहत चीन, कनाडा समेत मैक्सिको पर टैरिफ का ऐलान किया जा चुका है. साथ ही स्टील और एल्युमीनियम के इंपोर्ट पर टैरिफ ठोका है. ऐसे में भारक नही चाहेगा कि दोनों देशों के बीच हो रहे ट्रेड पर टैरिफ की आंच आए. बता दें कि 2023-24 में दोनों देशों के बीच 118 अरब डॉलर से ज्यादा का ट्रेड रहा. इस दौरान भारत का ट्रेड सरप्लस 37 अरब डॉलर का रहा. इससे पहले ट्रंप भारत से ट्रेड डेफिसिट का जिक्र कर चुके हैं. बता दें कि अमेरिका की देशों से ट्रेड डेफिसिट वाली लिस्ट में भारत का स्थान 9वें स्थान पर काबिज है.

रक्षा समझौता है अहम
भारत और अमेरिका के बीच शीर्ष वार्ता में रक्षा समझौता अहम है. क्योंकि भारत, अमेरिका से 4 अरब डॉलर के 31 ड्रोन खरीदने की प्रोसेस में है. इसके अलावा भारत ने 114 फाइटर जेट खरीदने के ग्लोबल टेंडर जारी किए है. इस पर भी बातचीत संभव है. साथ ही दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के डेवलपमेंट पर चर्चा हो सकती है. दोनों देशों के बीच फाइटर जेट की खरीद और फाइटर जेट इंजन के डील पर भी बात हो सकती है.
क्वाड और इंडो पैसिफिक पर चर्चा
दोनों देशों के बीच क्वाड और इंडो पैसिफिक पर बातचीत हो सकती है. बता दें कि क्वाड 2007 में बनाया गया एक सुरक्षा सहयोग संगठन है, जिसका उद्देश्य हिंद और प्रशांत महासागर में शांति और सहयोग को बढ़ावा देना है. इसमें भारत और अमेरिका के साथ जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं. इस साल क्वाड की अध्यक्षता भारत के पास है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप को क्वाड समिट के लिए निमंत्रण कर सकते हैं.
टेस्ला की एंट्री संभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ट्रंप के साथ मुलाकात के बाद टेस्ला के मुखिया एलन मस्क के साथ मीटिंग कर सकते हैं. इसमें टेस्ला की भारत में एंट्री की राह आसान हो सकती है. इससे पहले मस्क ने भारत की ईवी पर लागू टैक्स सिस्टम की आलोचना करते रहे हैं.


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