नई दिल्ली, जनवरी 18। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) दावोस एजेंडा को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने पूरी दुनिया को "आशाओं का गुलदस्ता" (बुके ऑफ होप) दिया है। पीएम के अनुसार इस गुलदस्ते में लोकतंत्र के प्रति विश्वास, 21 वीं सदी को सशक्त बनाने के लिए टेक्नोलॉजी और भारतीयों की प्रतिभा शामिल है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में निवेश करने का यह सबसे अच्छा समय है। उन्होंने भारत को निवेश के लिए दुनिया में "सबसे आकर्षक" देश बनाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की डिटेल दी।

युवाओं की सराहना
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय युवाओं में उद्यमशीलता की भावना और नई तकनीक को अपनाने की उत्सुकता है। पांच दिवसीय ऑनलाइन 'दावोस एजेंडा' में बोलते हुए उन्होंने कहा भारतीय युवा आपके बिजनेस और विचारों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक हमारे वैश्विक कौशल से भारत ने 2021 में 60,000 से अधिक स्टार्टअप रजिस्टर किए हैं।
2014 में कितने थे स्टार्टअप
पीएम ने बताया कि 2014 में भारत में कुछ सौ स्टार्टअप पंजीकृत थे। अब यह संख्या 60 हजार को पार कर गई है। हमारे पास अब 80 से अधिक यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर वाली कंपनी) भी हैं, उनमें से 40 से अधिक ने पिछले साल ही यह दर्जा हासिल किया है। प्रधानमंत्री ने टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रा में भारत के इनोवेशन, इंटीग्रेटेड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) जैसी तकनीक के तेजी से अपनाने, आरोग्य सेतु और कोविन जैसे टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन और देश में बिजनेस करने में आसानी को मजबूत करने के लिए टैक्स रिफॉर्म पर प्रकाश डाला।
रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर डेवलपर
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि भारत दुनिया में रिकॉर्ड संख्या में सॉफ्टवेयर डेवलपर्स भेजता है और यूनिकॉर्न की तीसरी सबसे बड़ी संख्या यहां है। डिजिटल सॉल्यूशंस में हुई प्रगति पर उन्होंने कहा कि पिछले महीने ही भारत ने यूपीआई पर 4.4 अरब लेनदेन दर्ज किए।


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