नयी दिल्ली। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का है। मगर कर्ज का बोझ इस लक्ष्य में किसी बाधा से कम नहीं है। इसीलिए केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जो उनकी इनकम बढ़ाने के उद्देश्य से अहम हैं। इन योजनाओं की मदद से किसान कर्ज से मुक्त हो सकते हैं। एक ऐसी ही योजना है प्रधानमंत्री कुसुम योजना। ये स्कीम कर्ज चुकाने में किसानों के बहुत काम आएगी। इस योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर सोलर पम्प मिलते हैं, जिससे वे बिजली बना सकते हैं। जरूरत भर बिजली का इस्तेमाल करके वे बाकी को बेच कर अतिरिक्त इनकम भी कमा सकते हैं।
क्या है सरकार का उद्देश्य
कुसुम योजना के तहत पूरे देश में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी डीजल / इलेक्ट्रिक पंपों को सौर ऊर्जा से चलाने का उद्देश्य है। कुसुम योजना की घोषणा तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने केंद्र सरकार के आम बजट 2018-19 में की थी। सरकार विभिन्न योजनाओं की शुरुआत के जरिए किसानों को सौर ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित कर रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया पहले ही कई राज्यों में शुरू हो चुकी है, जिसके तहत 90 फीसदी सब्सिडी पर कृषि सौर पंप दिए जाते हैं।
किसानों की समस्या होगी दूर
पीएम कुसुम की आधिकारिक वेबसाइट शुरू हो चुकी है और सरकार ने किसानों से ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करने को कहा है। पीएम कुसुम 2020-21 का उद्देश्य किसानों की सभी पानी की समस्याओं को खत्म करने के लिए देश भर में लगभग 20 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का है। आप इस लिंक (https://www.pmkusumyojana.in/) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कैसे बढ़ेगी किसानों की आमदनी
सरकार को उम्मीद है कि कुसुम योजना से किसानों को कई बड़े फायदे मिलेंगे। इनमें पहला है सिंचाई के लिए मुफ्त में बिजली मिलना। इस योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर जो सोलर पंप मिलेगा उसे वे खेत में लगा कर अपनी सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगे। अतिरिक्त बिजली जनरेट कर वे किसी अन्य कंपनी को बेच सकेंगे, जिससे उन्हें अतिरिक्त कमाई होगी। सोलर पंप से उनकी केरोसिन तेल और डीजल पर निर्भरता घटेगी। एक्स्ट्रा बिजली को बेचने से मिलने वाले पैसे से वे लोन अदा कर सकते हैं।
सिर्फ 10 फीसदी देनी होगी कीमत
किसानों को सोलर पंप के लिए सिर्फ 10 फीसदी पैसा देना होगा। बाकी 90 फीसदी में से 30 फीसदी पैसा उन्हें लोन के रूप में बैक से मिलेगा, जबकि 60 फीसदी बैलेंस केंद्र सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। योजना के लिए आवेदन करने वाला आवेदक किसान होना चाहिए। उसके नाम पर एक वैध आधार कार्ड होना चाहिए। आवेदक के पास एक बैंक खाता और जमीन के कागज होना भी जरूरी हैं।
कितनी होगी किसानों की अतिरिक्त कमाई
किसान डिस्कॉम्स (बिजली कंपनियों) को सोलर पावर से उत्पादित अतिरिक्त बिजली बेच सकते हैं, जिससे उन्हें प्रति एकड़ 60,000 रुपये सालाना की कमाई हो सकती है। कुसुम योजना के तहत 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई पंप बिजली या डीजल के बजाय सौर ऊर्जा से चलाए जा रहे होंगे। सरकार द्वारा निर्धारित बजट के अनुसार कुसुम योजना पर कुल 1.40 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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