Subsidy on Solar Pump: कोई भी किसान हो उसके लिए सबसे जरूरी चीज सिंचाई होती है। हर की ज्यादातर किसान बारिश और नहर के भरोसे खेती करते हैं। ऐसे में अगर सही समय पर बारिश नहीं होगी तो सुखा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। टेक्नोलॉजी एडवांस हो गई है और कई सालों से किसानों के द्वारा पंप का इस्तेमाल करके पानी निकाला जाता है और खेतों की सिंचाई की जाती है। अब तो सोलर पंप का भी विकल्प आ गया है जो बिना बिजली के चलते हैं और सिंचाई के लिए भरपूर पानी भी देते हैं। ये सोलर पंप काफी महंगे आते हैं। इसीलिए सरकार के द्वारा किसानों को PM Kusum Yojana के तहत इस पर सब्सीडी दी जा रही है।
इस आर्टिकल में हम आपको प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पंप पर दी जाने वाली सब्सिडी के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि फिलहाल राजस्थान सरकार ने किसानों को सब्सिडी पर सोलर पंप देने का ऐलान किया है। इस योजना के तहतसरकार के द्वारा 50000 किसानों से एप्लीकेशन मांगा गया है।

इस योजना के तहत सोलर पंप पर मिलेगी कितनी सब्सिडी
सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से सिंचाई के लिए किसानों की बिजली पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत अपने खेतों में सोलर पंप लगाने पर 60 परसेंट की सब्सिडी दी जाती है। वहीं अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए राज्य से 45000 रुपए प्रति किसान का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जाता है। यानी एससी और एसटी कैटेगरी में आने वाले किसानों को सोलर पंप पर मिलने वाली सब्सिडी के अलावा 45000 रुपए राज्य की तरफ से अलग से दिए जाते हैं।
आमतौर पर किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर करना पड़ता है। ऐसे में बिजली के बिल का खर्चा तो काफी ज्यादा आता है साथ ही लाइट ना रहने पर सिंचाई भी बाधित होती है।
राजस्थान में 50000 किसानों के मिली सोलर पंप की मंजूरी
सोलर पंप के लिए फिलहाल राजस्थान से लगभग 50000 किसानों को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत कुल खर्च 1830 करोड़ रुपए का आएगा। वहीं किसानों की मदद करने के लिए इसमें से 908 करोड रुपए सब्सिडी के तौर पर किसानों को दिए जाने हैं। वहीं इन सोलर पैनल को लगाने के बाद 200 मेगावाट बिजली का प्रोडक्शन भी संभव है।
सोलर पंप इस्तेमाल से होंगे कई फायदे
सोलर पंप लगाने से किसानों को कई फायदे होंगे। इनमें सबसे पहला फायदा यह है कि इन्हें सिंचाई के लिए बिजली और डीजल से चलने वाले पंप पर नहीं निर्भर रहना पड़ेगा। इससे बिजली का बिल और डीजल के खर्चे का पैसा बचेगा।
वही ग्रीन एनर्जी के तौर पर सौर ऊर्जा के इस्तेमाल में भी इसे तेजी आएगी। यह ऐसी एनर्जी है जिसे किस कितना भी इस्तेमाल करें खत्म नहीं होगी।
इसका इस्तेमाल ऐसी जगह पर भी किया जा सकता है जहां पर अब तक बिजली नहीं पहुंची है।
सोलर पंप का इस्तेमाल करने से किसानों की खेती में लागत कुछ हद तक कम होगी जिससे फायदा बढ़ सकता है।


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