PM Kisan Yojana New Rules: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) में बड़ा बदलाव किया है। इसका असर सीधे देशभर के करोड़ों किसानों पर पड़ेगा। सरकार ने साफ किया है कि अब कुछ किसानों को इस योजना का फायदा लेने के लिए जमीन से जुड़े दस्तावेज जरूरी नहीं होंगे। यह कदम खासकर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए राहत लेकर आया है।

बिना दस्तावेज भी मिलेगा फायदा
नए नियम के मुताबिक, अब ऐसे किसान जिनके पास जमीन के कागज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें भी योजना का फायदा मिल सकता है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से पुष्टि की जाएगी कि किसान वास्तव में खेती करता है। जैसे ही राज्य सरकार इसका प्रमाण देती है, किसान योजना के लाभार्थी बन जाएंगे और उन्हें हर साल 6000 रुपए की किस्तें मिलती रहेंगी।
दिवाली तक मिल सकती है 21वीं किस्त
किसानों को 21वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार दिवाली से पहले 2000 रुपए की किस्त किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर सकती है। इस बार सरकार की योजना बाढ़ प्रभावित राज्यों के किसानों को प्राथमिकता देने की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के किसानों को सबसे पहले किस्त का फायदा मिल सकता है।
ई-केवाईसी करना होगा जरूरी
सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी किए किसी किसान के खाते में पैसा नहीं आएगा। इसके लिए किसानों को pmkisan.gov.in पर जाकर आधार और मोबाइल नंबर डालकर ई-केवाईसी पूरी करनी होगी। यह प्रक्रिया पूरी न करने पर किस्त का पैसा रुक सकता है।
योजना का उद्देश्य
पीएम किसान योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहारा देना है। अब तक 20 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और करोड़ों किसान इसका फायदा ले चुके हैं। सालाना 6000 रुपए की मदद किसानों के लिए खेती के छोटे-मोटे खर्च पूरे करने में मददगार साबित होती है।


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