नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों, पिछड़ों और किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। इन्हीं में पीएम किसान सम्मान योजना शामिल है। इस योजना के तहत किसानों साल में 2000-2000 रु तीन किस्तें यानी कुल 6000 रु दिए जाते हैं। ये पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा जाता है। मगर इस स्कीम का लाभ हर किसान को नहीं मिलता, बल्कि इसके लिए कुछ शर्तें हैं। मगर अब इस योजना में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। दरअसल तमिलनाडु में पीएम किसान योजना से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जहां वे लोग भी इस योजना के तहत पैसे ले रहे थे, जो इसके हकदार नहीं है। मगर गड़बड़ी सामने आने पर सरकार भी सतर्क हो गई है। इतना ही नहीं जो लोग हकदार नहीं है उनसे पैसा भी वसूला गया है। यानी अगर कोई व्यक्ति इस योजना के नियमों के तहत लाभार्थी की कैटेगरी में नहीं आता, मगर उसने फायदा उठाया है तो सरकार उससे लिया गया पैसा वसूल सकती है।
कितने रु वसूले गए
जो लोग पीएम किसान योजना के लाभार्थी की कैटेगरी में नहीं आते मगर उन्होंने इस योजना के तहत पैसे लिए तो ऐसे लोगों से अब तक सरकार ने 61 करोड़ रु वसूले हैं। इतना ही नहीं पैसा न लौटाने पर कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है इसके अलावा जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने लापरवाही बरती उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि आगे ऐसे मामलों को रोकने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसके लिए काम शुरू हो चुका है।
घोटाले में तमिलनाडु आगे
पीएम किसान योजना में घोटाले के मामले में तमिलनाडु सबसे आगे है। यहां योजना के तहत रजिस्टर्ड 5.95 लाख के खाते चेक किए गए। हैरानी की बात है कि इसमें से 5.38 लाख फर्जी निकले। मगर अब बैंकों के माध्यम से ऐसे खातों में गई राशि को वापस लिया जा रहा है। इतना ही नहीं राज्य में 96 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर दी गई और 34 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है। साथ ही 3 ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के अलावा 5 सहायक कृषि अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में कुछ लोग गिरफ्तार भी हुए हैं। ये लोग पासवर्ड के गलत इस्तेमाल से हेराफेरी कर रहे थे।
किसे मिल सकता है फायदा
वे किसान जो एमपी, एमएलए, मंत्री या मेयर हो इस योजना का लाभ नहीं मिलता। आवेदन के बावजूद ऐसे लोगों को पैसा नहीं दिया जाएगा। केंद्र या राज्य सरकार में किसी अधिकारी या कर्मचारी को इस योजना का फायदा नहीं दिया जा सकता। ऐसे लोगों के आधार से इनके फायदा लेने की बात सामने आ जाएगी। वहीं वे खेती करने वाले किसान जो डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील आदि हों वे भी पीएम किसान योजना से बाहर हैं।
आधार कार्ड जरूरी
पीएम किसान योजना में आधार कार्ड अहम है। इस योजना के तहत आधार कार्ड का वेरिफिकेशन होना जरूरी है। आपको इसके बिना पैसा नहीं मिलेगा। हालांकि अब भी ऐसे बहुत से किसान हैं जिनके आधार कार्ड का वेरिफिकेशन नहीं हुआ है। यदि आपके साथ ऐसा हो तो आधार वेरिफाई जरूर करें।
कैसे पता चले पैसा आया है या नहीं
सरकार की तरफ से एक खास सुविधा शुरू की गई है। इसके जरिए आसानी से चेक किया जा सकता है कि आपको योजना के तहत पैसा मिला या नहीं। पीएम किसान पोर्टल पर सारी जरूरी जानकारी मिल सकती है। अगर आपने नया आवेदन किया है तो आप उसका स्टेटस भी देख सकते हैं। आपको अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल दर्ज करनी होगी।


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