PM Kisan 19th Kisht: भारत सरकार द्वारा 2018 में शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (Pm Kisan Samman Nidhi Yojana) का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपए मिलते हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के भागलपुर से 19वीं किश्त जारी करेंगे।
हालांकि, कई बार ऐसा देखने को मिलता है किसानों की कुछ गलतियों की वजह से उनके खाते में पैसे नहीं आ पाते हैं। कहीं, आपने भी तो नहीं कर दी है ये गलती, जिस वजह से आपकि किश्त भी ना फंस जाए। चलिए आपको बताते हैं किन गलतियों से आपको बचना चाहिए।

इस बार 19वीं किश्त का लाभ लगभग 13 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिलने वाला है। यह पहल सीमांत किसानों को टारगेट करती है जो अक्सर खेती-किसानी के माध्यम से इंकम करने के लिए संघर्ष करते हैं। अब तक 18 किस्तें बांटी जा चुकी हैं और 19वीं किस्त का 13 करोड़ से अधिक किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
इन किसानों को नहीं मिलेगा PM Kisan Yojana का फायदा
अगर आप भी इस योजना से जुड़े हुए हैं और अभी तक आपने अपनी जमीन का वेरिफिकेशन नहीं कराया है तो आप इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। वहीं इसके साथ ही आपको ई-केवाईसी भी करानी होगी, जिसके लिए आपको अपने नजदीकी CSC सेंटर या फिर pmkisan.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं। अगर आपने अभी तक इन कामों को नहीं कराया है तो आप इस योजना का फायदा नहीं प्राप्त कर पाएंगे।
वहीं, किसान सम्मान निधि योजना (Pm kisan samman nidhi yojana) में जमीन वेरिफिकेशन के साथ ही आधार लिंक कराना भी बहुत जरूर है, अगर अभी आपने आधार लिंक नहीं कराया है तो हो सकता है आपकि 19वीं किस्त आने में दिक्कत हो जाए। इसलिए ऐसा समय आने से पहले ही अपने बैंक में पहुंचकर अपने आधार कार्ड को अपने बैंक खाते से लिंक करवा लें। वहीं, इसके साथ ही आपके बैंक में DBT ऑप्शन भी चालू होना चाहिए, क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो भी आपके खाते में किस्त नहीं पहुंच पाएगी।
किसानों के लिए ऐलिजिबिलिटी जरूरी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकार ने पहले ही लाखों लाभार्थियों को यह अनिवार्यता बता दी थी। ई-केवाईसी पूरा न करने वाले किसानों को भुगतान प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा (डीबीटी) खातों वाले किसानों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार ने अगली किस्त जारी होने से पहले इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के महत्व पर जोर दिया है। इन शर्तों को पूरा न करने पर कुछ किसानों को अपने भुगतान में देरी या रोक लगने का जोखिम रहता है। यह कदम तय करता है कि केवल ऐलिजिबल लाभार्थियों को ही योजना के तहत वित्तीय सहायता मिले।


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