नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री फसली बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) मोदी सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई एक बहुत फायदेमंद योजना है। इस योजना के तहत किसानों को पूरे फसल चक्र पर सभी प्राकृतिक आपदाओं से अपनी खेती के लिए बीमा का सुरक्षा कवच मिलता है। देश के कई हिस्सों में किसी न किसी आपदा के चलते हर साल किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। मगर ये योजना ऐसे मुश्किल समय पर किसानों को फसल पर बीमा सुरक्षा दिलाती है। पीएमएफबीवाई के तहत किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है। देश में आईआरडीएआई (इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) के पास रजिस्टर्ड सभी सामान्य बीमा कंपनियां, जिनकी ग्रामीण इलाकों में ठीक-ठाक उपस्थिति है, इस योजना के तहत फसल बीमा करती हैं। इस समय आईआरडीएआई के साथ सभी पांच सरकारी और 13 प्राइवेट कंपनियां ये सुविधा देती हैं।
कितना होता है प्रीमियम
जैसा कि जिक्र किया गया है फसल बीमा योजना में किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है। प्रधानमंत्री फसली बीमा योजना में रबी, खरीफ, कमर्शियल और बागबानी फसलों को भी कवर करती है। हालांकि कमर्शियल और बागबानी फसलों प्रीमियम थोड़ा ज्यादा होता है। किसानों को सभी खरीफ फसलों के लिए केवल दो प्रतिशत और सभी रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत का प्रीमियम देना होगा। वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के मामले में नियमों के अनुसार पांच प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होगा।
किन चीजों पर मिलती है सुरक्षा
फसल बीमा योजना के तहत भूमि, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटने के कारण होने वाले नुकसान पर सुरक्षा मिलती है। इतना ही नहीं किसानों को कीड़े और रोग के कारण नुकसान होने पर भी बीमा कवर मिलता है। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उनकी निरंतर इनकम होना जरूरी है। ये योजना इसके लिए अहम है।
बिना बोये भी मिलता है लाभ
फसल कटाई के बाद अगले 14 दिनों के लिए खेत में सूखने के लिए रखी गई फसलों पर बीमा कंपनी द्वारा उस नुकसान की क्षतिपूर्ति की जाती है जो चक्रवात, ओलावृष्टि और तूफान के कारण हुई हो। यानी इन कारणों से जितना फसल को नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाती है। यदि प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण किसान फसलों की बुवाई नहीं कर पाए तो भी उन्हें लाभ दिया जाता है।
सरकारी सब्सिडी का लाभ
सरकारी सब्सिडी पर कोई ऊपरी लिमिट नहीं होती। यदि शेष प्रीमियम 90 प्रतिशत है तो भी यह सरकार द्वारा दिया जाता है। किसान बिना किसी कटौती के पूरी बीमा राशि के लिए क्लेम कर सकते हैं। अच्छी बात ये है कि क्लेम के पेमेंट के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को काफी प्रोत्साहित किया गया है। क्लेम के भुगतान में देरी को कम करने के लिए फसल कटाई डेटा को इकट्ठा करने और अपलोड करने के लिए स्मार्टफ़ोन, रिमोट सेंसिंग ड्रोन और जीपीएस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
किसके पास है मैनेजमेंट
इसके अलावा बीमा योजना को केवल एक सिंगल बीमा कंपनी, भारतीय कृषि बीमा कंपनी, संभालती है। इस योजना के लिए बैंक में ऑफलाइन तरीके से फॉर्म भर कर आवेदन किया जा सकता है। साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन के लिए http://pmfby.gov.in/ पर विजिट करें।
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