PM-AASHA Scheme: भारत सरकार देश में कई सारी योजनाएं चला रही है उसी में से एक पीएम-आशा स्कीम भी है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों को सही रेट पर दिलाने की कोशिश करती है।
इस योजना के तहत मूल्य समर्थन योजना (PSS) के माध्यम से रजिस्टर्ड किसानों से सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खोपरा, तिलहन और दालों की खरीद की जाती है।

वर्ष 2024-25 के लिए सरकार ने उत्पादन स्तर के आधार पर उड़द, तुअर और मसूर की पूरी खरीद को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तुअर की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह खरीद 13.22 लाख टन हो सकती है।
प्रमुख राज्यों में खरीद की कोशिश
कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में खरीद की पहले ही शुरू हो चुकी हैं। 15 फरवरी तक इन क्षेत्रों में 15 हजार टन तुअर की खरीद हो चुकी थी। इस पहल से अब तक 12,006 किसानों को लाभ मिला है। सरकार जल्द ही किसानों को और अधिक फायदा पहुंचाने के लिए इन प्रयासों को दूसरे राज्यों में भी लागू करने की योजना बना रही है।
हाल ही में बजट में की गई घोषणा में दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार की मजबूती को दर्शाया गया है। अगले चार वर्षों में राज्य दलहन जैसे तुआल, उड़द और मसूर के उत्पादन का 100% हिस्सा खरीदना जारी रखेंगे। भविष्य में इस योजना में अन्य दालों को भी शामिल किए जाने की संभावना है।
केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका
सरकार ने संकेत दिया है कि नैफेड और एनसीसीएफ जैसी केंद्रीय एजेंसियां जल्द ही तुअर या अरहर दाल की खरीद शुरू कर देंगी। यह कदम किसानों को उनकी उपज के लिए सही दाम तय करके उनका समर्थन करने की अच्छी रणनीति का हिस्सा है।


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