केंद्र सरकार ने क्लीन फ्यूल व्हीकलों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में घोषित पीएलआई योजना के लिए भारत में स्थित 20 कार निर्माताओं को अप्रूवल दे दिया है।
नई दिल्ली, फरवरी 11। केंद्र सरकार ने क्लीन फ्यूल व्हीकलों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में घोषित पीएलआई योजना के लिए भारत में स्थित 20 कार निर्माताओं को अप्रूवल दे दिया है। बता दें कि इन कंपनियों में टाटा मोटर्स, सुजुकी मोटर गुजरात, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई और किआ इंडिया प्राइवेट आदि का नाम शामिल है। चार-पहिया गाड़ियों वाले सेगमेंट में चुनी गई अन्य कंपनियों में अशोक लीलैंड, आयशर मोटर्स लिमिटेड, पीसीए ऑटोमोबाइल्स इंडिया और पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशंस का नाम शामिल हैं।

टू व्हीलर कंपनियां भी लिस्ट में शामिल
इस लिस्ट में मारुति सुजुकी एकमात्र ऐसी कंपनी बड़ी कंपनी है जिसे यह अप्रूवल नहीं मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारुति सुजुकी ने मानदंडों को पूरा करने में विफल रहने के बाद अपनी पैरेंट कंपनी सुजुकी मोटर के सपोर्ट में आवेदन वापस ले लिया था। मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि ऑटोमोबाइल पीएलआई योजना को सफल माना जा सकता है क्योंकि सरकार को इसे लेकर भारी प्रतिक्रिया मिली है।टू व्हीलर और थ्री-व्हीलर कैटेगरी के सफल आवेदकों में बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, पियाजियो व्हीकल्स और टीवीएस मोटर का नाम शामिल है।
न्यू नॉन-ऑटोमोटिव इनवेस्टर को भी मिली मंजूरी
जानकारी के मुताबिक वहीं 'न्यू नॉन-ऑटोमोटिव इनवेस्टर' कैटेगरी में ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज, एक्सिस क्लीन मोबिलिटी, बूमा इनोवेटिव ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस, एलेस्ट प्राइवेट लिमिटेड, हॉप इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड और पावरहॉल व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड के आवेदन को मंजूरी मिली है। ऑटोमोबाइल पीएलआई स्कीम के तहत, एडवांस ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी उत्पादों की स्वदेशी स्पलाई चेन में नए निवेश करने के लिए इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए 18% तक का इनसेंटिव दिया जाना है।
कुल 115 कंपनियों ने किया था आवेदन
सरकार के अनुसार, पीएलआई योजनाओं के तहत ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स इंडस्ट्री को 25,938 करोड़ रुपये, एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल की इंडस्ट्री को 18,100 करोड़ का इनसेंटिव दिया जाना है। इसके साथ में फेम स्कीम के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे भारत में पर्यावरण के लिहास से साफ, टिकाऊ, आधुनिक और अधिक कुशल इलेक्ट्रिक व्हीकल आधारित ईकोसिस्टम विकसित किया जा सके। इस योजना के तहत कुल 115 कंपनियों ने इनसेंटिव के लिए आवेदन दिया था। सरकार ने पीएलआई स्कीम का नोटिफिकेशन 23 सितंबर 2021 को जारी किया था। ऑटोमोबाइल पीएलआई स्कीम के तहत इनसेंटिव राशि को 1 अप्रैल 2022 से अगले 5 सालों में दिया जाएगा। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए पीएलआई स्कीम मौजूदा ऑटोमोटिव कंपनियों के साथ-साथ उन नए निवेशकों के लिए भी खुली थी जो फिलहाल ऑटोमोबाइल या ऑटो कंपोनेंट के मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में नहीं हैं।
7.5 लाख रोजगार के नए अवसर
उम्मीद की जा रहा है कि पीएलआई स्कीम के तहत मिलने वाले इंसेंटिव के कारण अगले पांच सालों में इस सेक्टर में 42500 करोड़ रुपए का निवेश आएगा। इससे 7.5 लाख रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही 2.3 लाख करोड़ रुपए का प्रोडक्शन बढ़ेगा। जानकारी दें कि बजट 2021-22 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 अलग-अलग सेक्टर के लिए पीएलआई स्कीम की घोषणा की थी। कंपनियों को हर साल उत्पादन का लक्ष्य दिया जाएगा और इसे पूरा करने पर सरकार उत्पादन के मूल्य का 4 फीसदी तक नकद प्रोत्साहन के रूप में वापस कर सकती है।


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