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कमाल का औषधीय पौधा : एक बार उगा कर 6 साल तक करें मोटी कमाई, ये है उगाने का तरीका

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नई द‍िल्‍ली, मई 3। भारत में औषधीय पौधों की मांग काफी रहती है। ये ऐसे पौधे होते हैं, जिन्हें देश के कई हिस्सों में परंपरागत तौर पर उगाया जाता है। कुछ किसान तो गेहूं या चावल जैसी परंपरागत चीजों की खेती न करके कई तरह के औषधीय पौधे उगाते हैं और हर साल लाखों रु की कमाई करते हैं। पहले के मुकाबले अब देश में औषधीय पौधों की मांग भी काफी बढ़ी है। यह भी अच्छी बात है कि भारत में कई तरह के औषधीय पौधे मिलते हैं। इनमें पीपली भी शामिल है। पीपली भी ऐसा औषधीय पौधा है, जिसे उगा कर आप भी मोटी कमाई कर सकते हैं।

 

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सरकार देती है बढ़ावा

सरकार देती है बढ़ावा

पीपली जैसे पौधों से उगाने वालों को अच्छी कमाई होती है, जबकि लोगों की मदद भी होती है। उन्हें जरूरत के मुताबिक औषधीय पौधा मिल जाता है। वहीं सरकार ऐसे पौधों को उगाने पर काफी जोर देती है। पीपली को कुछ जगह पर स्थानीय भाषा में पीपर भी कहा जाता है। दवाइयां बनाने में पीपली के तने और जड़ के अलावा इसके फल का भी इस्तेमाल किया जाता है। इससे कई तरह की मेडिसिन बनती हैं।

किन चीजों में आता है काम

किन चीजों में आता है काम

पीपली का पौधा कई तरह की छोटी-मोटी बीमारियों में इस्तेमाल होता है। इनमें दमा, जुकाम के अलावा सर्दी, खांसी, अस्थमा और ब्रांकाइटिस शामिल हैं। इसके अलावा सांस की दिक्कत, अपच, पीलिया, सूजन और पेट के कई रोगों को ठीक करने के लिए पीपली बहुत काम का पौधा है। पीपली आम तौर पर दो तरह का होता है। इनमें छोटी और बड़ी पीपली शामिल हैं।

कहां होती है खेती
 

कहां होती है खेती

पीपली की खेती तमिलनाडु की अन्नामलाई पहाड़ियों और असम की चेरापूंजी तक में होती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के पहाड़ी इलाके में भी पीपली की खेती होती है। आपको पीपली की खेती के लिए लाल मिट्टी और बलुई दोमट के अलावा ऐसी जमीन चाहिए होगी, जहां से पानी की निकासी आसान और अच्छी हो। आप काली, मध्यम और भारी बलुई मिट्टी पर पीपली की खेती कर सकते हैं। मगर पानी की निकासी का आपको खास ध्यान देना होगा।

6 साल तक कमाई

6 साल तक कमाई

पीपली का एक पौधा तैयार होने के बाद 6 साल तक बरकरार रह सकता है और यह आपको 6 साल तक ही कमाई कराता रहेगा। ध्यान रहे कि पौधे लगाते समय खेत की जुताई ढंग से हो। आपको जैविक खाद, पोटाश और फास्फोरस की जरूरत होगी। पीपली को छांव चाहिए होती है। इसलिए उसका भी इंतजाम करें। आप इसकी शुरुआत फरवरी या मार्च महीने में करें।

जानिए अन्य जरूरी बातें

जानिए अन्य जरूरी बातें

जुलाई के महीने में इनकी रोपाई होती है और फिर खेत में रोपाई के लि क्यारियां तैयार की जाती हैं। रोपाई हो जाए तो लगातार कम से कम 20 दिन तक रोज सिंचाई करें। फिर सप्ताह में एक बार सिंचाई काफी होगी। रोपाई के बाद 4-6 महीनों में फूल आने शुरू होंगे। फिर दो महीने बाद इनका रंग काला होने लगेगा। काले फलों को तोड़ने के लिए 5 हफ्ते लग सकते हैं। इन फलों को तोड़ कर सुखाएं। आपको इनकी अच्छी कीमत मिल सकती है।

English summary

pippali medicinal plant Once grown earn money for 6 years this is the way to grow

Pippali is also called Peepar in the local language at some places. Apart from the stem and root of peeple, its fruit is also used in making medicines. Many types of medicine are made from this.
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