दिल्ली में 23 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर उछाल आया है। पिछले आठ दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब दाम बढ़ाए गए हैं। राजधानी में अब एक लीटर पेट्रोल के लिए ₹99.51 चुकाने होंगे, वहीं डीजल की कीमत ₹92.49 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए तेल कंपनियां (OMCs) लगातार रेट्स रिवाइज कर रही हैं। कीमतों में बार-बार हो रहे इस बदलाव से घरेलू ऊर्जा लागत पर दबाव साफ नजर आ रहा है।
ईंधन की कीमतों में इस लगातार बढ़ोतरी का असर अब पूरी इकोनॉमी पर दिखने लगा है। रोज सफर करने वाले आम लोगों से लेकर लॉजिस्टिक्स कंपनियों तक, हर किसी का ऑपरेशनल खर्च तुरंत बढ़ गया है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने तो गर्मियों के सीजन के लिए किराए में बढ़ोतरी पर चर्चा भी शुरू कर दी है। इस ट्रेंड का सीधा असर सब्जियों जैसी जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ता है। साथ ही, डिलीवरी सर्विस कंपनियां भी जल्द ही अपना सरचार्ज बढ़ा सकती हैं।

| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 99.51 | 92.49 |
| मुंबई | 106.31 | 94.27 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.75 | 92.34 |
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को प्रभावित करने वाले ग्लोबल फैक्टर्स
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया इन बदलावों की मुख्य वजह हैं। भारत में ईंधन के दाम काफी हद तक इंटरनेशनल ऑयल बेंचमार्क पर निर्भर करते हैं। रुपया कमजोर होने से रिफाइनरियों के लिए कच्चा तेल आयात करना महंगा हो जाता है। एक्सपर्ट्स अब महंगाई के संकेतों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रुख पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि ईंधन महंगा होने से अक्सर देश भर में रिटेल महंगाई के आंकड़े बढ़ जाते हैं।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर बढ़ती कीमतों की मार
डीजल के दाम लगातार बढ़ने से कमर्शियल फ्लीट ऑपरेटर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ज्यादातर लॉजिस्टिक्स कंपनियां बहुत कम मार्जिन पर काम करती हैं, ऐसे में वे बढ़े हुए खर्च का बोझ डिलीवरी फीस के जरिए ग्राहकों पर डाल सकती हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स भी बढ़ती लागत को मैनेज करने के लिए अपने शिपिंग मॉडल का रिव्यू कर रहे हैं। यही नहीं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऐप-आधारित कैब कंपनियां भी इस हफ्ते अपना बेस फेयर बढ़ा सकती हैं।
उपभोक्ताओं को अब एलपीजी (LPG) की कीमतों में होने वाले संभावित बदलावों पर भी नजर रखनी चाहिए। इस महीने घर का बजट तय करने में ईंधन की कीमतों का बड़ा हाथ रहने वाला है। रोजाना होने वाले इन बदलावों की जानकारी रखकर आप अपने ट्रैवल खर्च को बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं। ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।


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