नई दिल्ली। चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप का असर कच्चे तेल के रेट पर भी हो रहा है। चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक देश है। लेकिन कोरोना वायरस के हमले के चलते चीन ने अपनी काफी सारी कारोबारी गतिविधियां रोक दी हैं। इसका सीधा असर दुनिया में कच्चे तेल की डिमांड और सप्लाई पर पड़ा है। इसके चलते पिछले कई दिनों से कच्चे तेल के रेट काफी कम हो गए हैं। वहीं कच्चते तेल के रेट कम होने के चलते भारत में पिछले एक हफ्ते में पेट्रोल के रेट करीब 2 रुपये तक घट चुके हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि चीन में अभी कारोना वायरस के प्रकोप के घटने के कुछ दिन आसान नहीं हैं। ऐसे में कच्चे ते का रेट और गिरेगा और भारत में पेट्रोल का इसके चलते 4 रुपये तक और सस्ता हो सकता है।

पेट्रोल के जनवरी 2020 में घट चुके हैं 2 रुपये रेट
जनवरी 2020 में ऊपरी स्तरों से पेट्रोल और डीजल के रेट में करीब 2 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आ चुकी है। जानकारों के अनुसार कोरोना वायरस की वजह से चीन में परिवहन व कारोबार पर असर पड़ा है। इससे कच्चे तेल की मांग घटी है। वहीं आगे मांग और गिरावट की आशंका है। इसके चलते निवेशक भी डर गए हैं। यही वजह से क्रूड के रेट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अगर ऐसा ट्रेड रहा तो पेट्रोल और डीजल में 3 से 4 रुपये प्रति लीटर कमी और आ सकती है।
और नीचे जा सकता है कच्चे तेल का रेट
चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बाद से क्रूड 5 दिनों में 6 डॉलर से ज्यादा टूटकर 58.50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। क्रूड का यह स्तर 2 महीने का निचला स्तर है। जानकारों के अनुसार अगर कोरोना वायरस के मामले और बढ़ते हैं, तो क्रूड 55 डॉलर से 56 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ सकता है।
चीन में 2700 से ज्यादा मामले
चीन में कोरोना वायरस के अबतक 2700 से भी ज्यादा मामले आ चुके हैं। वहीं, इस मामले में अब तक 80 के करीब मौतें भी हो चुकी हैं। चीन के अलावा अमेरिक में 5 मामले कंफर्म हो चुके हैं। इसके अलावा सिंगापुर, कनाडा, जापान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया, फ्रांस और वियतनाम में भी मामले आए हैं।
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