
Liquor : यूपी के आबकारी विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लोग रोजाना 115 करोड़ रु की शराब और बियर पी रहे है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह 2 वर्ष पहले को तुलना से करीब 35 फीसदी अधिक है। जब व्यक्ति रोजाना 85 करोड़ रु की शराब का सेवन करते थे।
उत्तर प्रदेश के करीब हर जिले में रोजाना 2.5 करोड़ रु से 3 करोड़ रु तक की शराब की बिक्री होती है।
अगर हम सबसे अधिक शराब की खपत होने वाले शहरों की बात करें, तो फिर इसमें एक नोएडा और गाजियाबाद में रोजाना 13 से 14 करोड़ रु की शराब की खपत होती है। वही, अगर हम आगरा की बात करें, तो फिर आगरा में शराब की खपत 12 से 13 करोड़ रु प्रतिदिन है।
इसके साथ ही लखनऊ में करीब 10 से 12 करोड़ रु रोजाना, मेरठ में करीब 10 करोड़ रुपये रोजाना, कानपुर में 8 से 10 करोड़ रु रोजाना और वाराणसी में 6 से 8 करोड़ रुपये रोजाना शराब की खपत होती है। अगर हम प्रयागराज की बात करें, तो फिर प्रयागराज में एक दिन में औसतन 4 करोड़ 50 लाख रु की शराब और बीयर की बिक्री होती है।
प्रयागराज के जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने पिछले कुछ सालों में शराब की बिक्री में इजाफे के लिए कई सारे कारकों का हवाला दिया है।
वही, अगर हम शराब की बिक्री में इजाफे की कुछ वजह की बात करें, तो फिर इसमें हाई सोशल एक्सेप्टेबिलिट, उपभोक्ता के जीवन स्तर में सुधार और इसके साथ ही शराब की तस्करी पर नियंत्रण आदि शामिल है।
गौरतलब है कि यूपी के आबकारी विभाग ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के फोरम 41 हजार 250 करोड़ रु का भारी राजस्व को अर्जित करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह राजस्व पिछले वर्ष 2021-22 की तुलना में राजस्व 14 फीसदी ज्यादा है।



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