नई दिल्ली, जून 23। कई कंपनियां ऐसी होती हैं, जो कर्मचारियों को समय पर सैलेरी तक नहीं देती। मगर कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों पर महरबान रहती हैं। उन्हें सैलेरी के अलावा तरह तरह के बेनेफिट देती हैं ताकि वे अच्छा काम करें। कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को भर भर के सैलेरी भी देती हैं। इन्हीं में से एक है आईटीसी। इस कंपनी के सैकड़ों कर्मचारी करोड़पति बन गए हैं। आगे जानिए डिटेल।
220 लोग बने करोड़पति
भारतीय समूह की दिग्गज कंपनी आईटीसी के उन कर्मचारियों की संख्या जिन्हें प्रति वर्ष 1 करोड़ रुपये से अधिक की सैलेरी मिल रही, उनकी संख्या वित्त वर्ष 2021-22 में 220 हो गयी। पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 के मुकाबले में इनकी संख्या में 44 फीसदी की वृद्धि हुई है। आईटीसी में 2020-21 में 153 लोगों को सालाना 1 करोड़ रु से अधिक की सैलेरी मिल रही थी।
8.5 लाख रु मासिक सैलेरी
220 लोगों को कुल 8.5 लाख रुपये प्रति माह का वेतन आईटीसी में मिल रहा है। कंपनी की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे 220 कर्मचारी हैं, जो पूरे वर्ष में काम करते रहे या साल के कुछ हिस्से में कंपनी में काम करते रहे और कुल मिलाकर उन्हें 102 लाख रुपये या उससे अधिक की सैलेरी मिली। ये लोग पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान प्रति माह 8.5 लाख रुपये या उससे अधिक की सैलेरी लेते रहे।
एमडी की कितनी है सैलेरी
वित्त वर्ष 2021-22 में आईटीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी की ग्रॉस सैलेरी 5.35 फीसदी बढ़ कर 12.59 करोड़ रुपये हो गयी, जिसमें 2.64 करोड़ रुपये की कंसोलिडेटेड सैलेरी, 49.63 लाख रुपये का अनुलाभ / अन्य लाभ और 7.52 करोड़ रुपये का बोनस शामिल है। संजीव पुरी तीन दशक पहले जनवरी 1986 में आईटीसी में शामिल हुए थे।
2020-21 में कितनी थी सैलेरी
पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में पुरी की ग्रॉस सैलेरी कथित तौर पर 11.95 करोड़ रुपये थी। आईटीसी के कार्यकारी निदेशक बी सुमंत और आर टंडन दोनों ने कथित तौर पर 5.76 करोड़ रुपये की ग्रॉस सैलेरी हासिल की। वहीं वित्त वर्ष 2021-22 में एन आनंद ने 5.60 करोड़ रुपये हासिल किए। 31 मार्च 2022 तक आईटीसी कर्मचारियों की कुल संख्या 23,829 थी, जो पिछले वित्त वर्ष (26,017) की तुलना में 8.4 फीसदी कम है।
पुरुष और महिला कर्मचारी
आईटीसी के कुल कर्मचारियों में से 21,568 पुरुष और 2,261 महिला कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा इसमें स्थायी श्रेणी के अलावा अन्य 25,513 कर्मचारी थे। वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 मार्च 2022 तक आईटीसी की कुल संपत्ति 60,545.55 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2021-22 में आईटीसी कर्मचारियों की औसत सैलेरी में कथित तौर पर 7 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि कर्मचारियों की औसत सैलेरी में 4 फीसदी की वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2021-2022 के लिए समूह की दिग्गज कंपनी आईटीसी की इनकम वित्त वर्ष 2020-2021 में 48,151.24 करोड़ रुपये के मुकाबले 59,101 करोड़ रुपये था। आईटीसी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान, कंपनी ने 123 विकलांग कर्मचारियों को भी नियुक्त किया। प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों (केएमपी) के औसत पारिश्रमिक में कथित तौर पर 8% की वृद्धि हुई है।


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