PB Fintech Share: IRDAI के नए ड्राफ्ट से शेयर में भारी गिरावट, 28% से ज्यादा फिसला Stock! क्या है पूरा मामला

Share Market में आज बीमा क्षेत्र से जुड़ी कंपनी PB Fintech के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। Policybazaar की पैरेंट कंपनी PB Fintech का शेयर कारोबार के दौरान करीब 20 फीसदी तक टूटकर लोअर सर्किट में पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में बीएसई पर शेयर ₹1,886.30 पर बंद हुआ था, जबकि आज गिरावट के बाद यह करीब ₹1,508.90 तक आ गया। शेयर में इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह बीमा नियामक IRDAI की ओर से जारी किया गया नया ड्राफ्ट प्रस्ताव माना जा रहा है।

PB Fintech Share

दरअसल, IRDAI ने इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन के नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसमें बीमा कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स की कमाई और कमीशन से जुड़े नियमों को बदला जा सकता है। नए प्रस्ताव का असर खासतौर पर उन कंपनियों पर पड़ सकता है, जिनका कारोबार डिजिटल और ओपन-आर्किटेक्चर डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल पर ज्यादा निर्भर है। PB Fintech इसी वजह से बाजार की नजर में आ गई है।

प्रस्ताव के तहत हेल्थ इंश्योरेंस में नए कारोबार पर कमीशन को 15 से 20 फीसदी तक सीमित करने की बात कही गई है। वहीं रिन्यूअल और पोर्टिंग से जुड़े कमीशन को 5 से 10 फीसदी तक सीमित करने का प्रस्ताव है। मोटर इंश्योरेंस में भी कमीशन पर सीमा तय करने की बात है। इसके अलावा टर्म लाइफ इंश्योरेंस में भी ओपन डिस्ट्रीब्यूशन चैनल के लिए कमीशन की सीमा तय करने का प्रस्ताव है।

IRDAI ने इंश्योरेंस को लोन के साथ जबरन जोड़ने पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही मार्केटिंग सपोर्ट, ब्रांड फीस, रिवॉर्ड और ट्रैवल जैसी दूसरी तरह की पेमेंट को भी तय कमीशन सीमा में शामिल करने की बात कही गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों से कोट देखने से पहले फोन नंबर जैसी जानकारी लेना भी प्रस्तावित नियमों के तहत सीमित किया जा सकता है।

अब सवाल है कि PB Fintech पर इसका इतना बड़ा असर क्यों दिख रहा है? ब्रोकरेज फर्म Bernstein के मुताबिक, प्रस्तावित बदलाव Policybazaar के बिजनेस मॉडल की यूनिट इकनॉमिक्स पर दबाव डाल सकते हैं। वहीं Jefferies का अनुमान है कि कमीशन दरों में 10 फीसदी की कटौती से PB Fintech की कमाई पर 10 से 12 फीसदी तक असर पड़ सकता है। Macquarie ने भी PB Fintech को इस प्रस्ताव से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली कंपनियों में माना है और कहा है कि टेक-रेट में 200 बेसिस प्वाइंट की कमी से EBITDA पर करीब 25 फीसदी तक असर पड़ सकता है, बाकी चीजें समान रहने पर।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी ये बदलाव अंतिम नियम नहीं हैं। IRDAI ने प्रस्ताव पर हितधारकों से 25 अक्टूबर 2026 तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद अंतिम नियमों पर फैसला होगा। इसलिए फिलहाल बाजार का फोकस इस बात पर रहेगा कि अंतिम नियमों में क्या बदलाव किए जाते हैं और उनका PB Fintech के कारोबार पर वास्तविक असर कितना होता है।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+