27 अप्रैल को पेटीएम (Paytm) के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। 24 अप्रैल को आए आरबीआई (RBI) के कड़े आदेश के बाद निवेशकों में खलबली मची है। पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द होने की खबर पर निवेशक तेजी से रिएक्ट कर रहे हैं और बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। बाजार में भरोसा कम होने की वजह से स्टॉक नीचे फिसल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रतिद्वंद्वी कंपनियों और पार्टनर बैंकों के पास ट्रैफिक में उछाल देखा जा रहा है।
इंट्राडे ट्रेडर्स इस वक्त पेटीएम के सपोर्ट लेवल पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। अगर शेयर अपने हालिया निचले स्तरों को तोड़ता है, तो इसमें और गिरावट आ सकती है। ज्यादातर सेलर्स के लिए पिछला क्लोजिंग प्राइस ही मुख्य रेजिस्टेंस बना हुआ है। बाजार के इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल को देखते हुए एनालिस्ट्स फिलहाल फूंक-फूंक कर कदम रखने की सलाह दे रहे हैं।

UPI ट्रैफिक संभालने में जुटे पेटीएम और पार्टनर बैंक
एक तरफ जहां पेटीएम मुश्किलों का सामना कर रहा है, वहीं दूसरे बड़े बैंकों के पास नए यूजर्स की तादाद बढ़ रही है। एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) जैसे प्रमुख यूपीआई पार्टनर्स अब डायवर्ट किए गए पेमेंट वॉल्यूम का बड़ा हिस्सा संभाल रहे हैं। इस बदलाव से इन पार्टनर बैंकों को अपना डिजिटल मार्केट शेयर बढ़ाने में काफी मदद मिल रही है।
| पार्टनर बैंक | सर्विस की जिम्मेदारी | मार्केट आउटलुक |
|---|---|---|
| एक्सिस बैंक | यूपीआई ट्रांजैक्शन रेल्स | पॉजिटिव |
| एचडीएफसी बैंक | मर्चेंट पेमेंट सॉल्यूशंस | स्टेबल |
| यस बैंक | टेक्निकल रेल सपोर्ट | न्यूट्रल |
भारतीय फिनटेक इकोसिस्टम के लिए हाल के दिनों में रेगुलेटरी माहौल काफी बदल गया है। ऐसे में यह समझना बहुत जरूरी है कि कौन सी सर्विस बंद हुई है और कौन सी अब भी एक्टिव है। पेटीएम अभी भी बड़े बैंकिंग नेटवर्क (Banking Rails) के जरिए अपनी ऐप सेवाएं दे रहा है। इस व्यवस्था की वजह से यूजर्स बिना किसी बड़ी रुकावट के रोजमर्रा के ट्रांजैक्शन के लिए ऐप का इस्तेमाल जारी रख पा रहे हैं।
पेटीएम इंट्राडे सेटअप और RBI पॉलिसी के असर पर नजर
आज कोई भी जल्दबाजी में ट्रेड करने से पहले निवेशकों को संभावित जोखिमों को अच्छी तरह तौल लेना चाहिए। कंप्लायंस चेक की वजह से यह स्टॉक अभी भी रडार पर है। सुरक्षा के लिहाज से दूसरे फिनटेक शेयरों का रुख करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। एक्सपर्ट्स फिलहाल शॉर्ट-टर्म मूवमेंट को लेकर न्यूट्रल नजरिया बनाए हुए हैं।
बाजार के निवेशक हर आधिकारिक अपडेट पर कड़ी नजर रख रहे हैं। जैसे-जैसे पार्टनर बैंक अपना डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर रहे हैं, स्थिति लगातार बदल रही है। मौजूदा मार्केट सेंटीमेंट को समझने के लिए पेटीएम में हो रहे इन बदलावों को जानना बेहद जरूरी है। सटीक जानकारी के लिए लाइव प्राइस पैनल को लगातार ट्रैक करते रहें।


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