Credit card : किसी महीने ऐसा होता है कि पैसे खत्म हो जाते है। जिस कारण हम कार्ड का भुगतान नहीं कर पाते है। अगर हम एक महीने भी कार्ड का भुगतान नहीं करते है, तो फिर उसका सीधा असर हमारे बजट में पड़ता है। इसके साथ ही हमारा क्रेडिट स्कोर भी खराब होता है। ऐसी स्थिति में हमारे पास केवल एक विकल्प बचता है कि हम हमारे एक कार्ड का भुगतान दूसरे कार्ड से करें।
आप अपने एक कार्ड के बैलेंस को दूसरे कार्ड में ट्रांसफर करवा सकते हैं। कई सारे ऐसे बैंक है जो अपने ग्राहकों को इस तरह की सुविधा प्रदान करते हैं। इस सीधा और आसान मतलब यह होता है कि आप अपने एक कार्ड का भुगतान दूसरे कार्ड से कर देते हैं। ऐसा करने के लिए एक चीज बेहद जरूरी होता है कि आपके दूसरे कार्ड की सीमा पहले कार्ड से ज्यादा होनी चाहिए।

जब भी आप कार्ड का बैलेंस को ट्रांसफर करवाते हैं तब बैंक की तरफ से आपसे प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी ली जाती है। बैंक की तरफ से ग्राहकों को एक बफर पीरियड दिया जाता है। बैंक को इस अवधि के दौरान यह राशि वापस करनी होती है। अगर इसके बाद भुगतान किया जाता है, तो फिर भुगतान राशि पर ब्याज लगाया जाता है।
अगर आपके पास जो कार्ड है उसमें बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा नहीं है तो फिर आप कैश निकाल सकते है। आपके कार्ड में इसके लिए एडवांस कैश का विकल्प होता है। आप इन विकल्प का इस्तेमाल इमरजेंसी के वक्त कर सकते है। इसमें आप पैसे को एटीएम के जरिए निकाल सकते हैं।
ई-वॉलेट के माध्यम से भी आप भुगतान कर सकते हैं। डिजिटल पेमेंट आज के वक्त में बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। आप अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते है और ई-वॉलेट में पैसे डाल सकते हैं। इसके बाद आप ई-वॉलेट के माध्यम क्रेडिट कार्ड का भुगतान कर सकते हैं।
यह एक तरीके से कैश निकालने का डिजिटल वर्जन है। इसमें बैंक -वॉलेट के हिसाब से चार्ज लेता हैं। हमेशा ही आपको इन चार्ज के बारे में जानना चाहिए।


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