एक तरफ जहां हम कई महीनों से ये सुन रहे है कि आर्थिक मंदी का भारतीय ऑटोमोबाइल बाज़ार पर लगातार बुरा असर पड़ रहा है। वहीं इसी बीच विदेशों में भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर राहत की खबर देखने को मिली
नई दिल्ली: एक तरफ जहां हम कई महीनों से ये सुन रहे है कि आर्थिक मंदी का भारतीय ऑटोमोबाइल बाज़ार पर लगातार बुरा असर पड़ रहा है। वहीं इसी बीच विदेशों में भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर राहत की खबर देखने को मिली है। जी हां दुनियाभर में भारतीय कारों की बिक्री में इजाफा देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2019-20 के पहले नौ महीनें (अप्रैल-दिसम्बर) में यात्री वाहनों का निर्यात 5.89 प्रतिशत बढ़कर 5,40,384 इकाई पर पहुंच गया। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में हुंडई मोटर ने सबसे अधिक 1.45 लाख यात्री वाहनों का निर्यात किया। जानकारी दें कि सियाम के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले 9 माह में यात्री वाहनों का निर्यात 5,40,384 इकाई रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 5,10,305 इकाई रहा था।
कारों का निर्यात 4.44 % बढ़ा, वैन का घटा
इस दौरान कारों का निर्यात 4.44 प्रतिशत बढ़कर 4,04,552 इकाई पर पहुंच गया। वहीं यूटिलिटी वाहनों का निर्यात 11.14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,33,511 इकाई रहा। वहीं वैन का निर्यात 17.4 प्रतिशत घटकर 2,810 इकाई से 2,321 इकाई पर आ गया। दक्षिण कोरिया की कंपनी ने समीक्षाधीन अवधि में 1,44,982 यात्री वाहनों का निर्यात किया। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि से 15.17 प्रतिशत अधिक है। कंपनी अफ्रीका, पश्चिम एशिया, लातिनी अमेरिका, आस्ट्रेलिया और एशिया प्रशांत के 90 देशों को निर्यात करती है।
अप्रैल-दिसंबर में फोर्ड इंडिया का निर्यात घटा
बता दें कि हुंदै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी के अनुसार कुल 1,44,982 इकाइयों के निर्यात और 26.8 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ हुंदै ने एक बार फिर निर्यात बाजार में अपना शीर्ष स्थान कायम रखा है। अपने शानदार प्रदर्शन करने वाले ब्रांडों के जरिये निर्यात बाजार में कंपनी का दबदबा बना हुआ है। दूसरी ओर बात करें फोर्ड की तो अप्रैल-दिसंबर की अवधि में फोर्ड इंडिया का निर्यात 12.57 प्रतिशत घटकर 1,06,084 इकाई रह गया। वहीं घरेलू कार बाजार की अग्रणी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का निर्यात 1.7 प्रतिशत घटकर 75,948 इकाई रह गया।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने किया 10,017 इकाई निर्यात
जबकि समीक्षाधीन अवधि में निसान मोटर इंडिया का निर्यात 39.97 प्रतिशत बढ़कर 60,739 इकाई पर पहुंच गया। जनरल मोटर्स इंडिया का निर्यात 54,863 इकाई रहा। जनरल मोटर्स ने घरेलू बाजार में वाहनों की बिक्री बंद कर दी है। वहीं अप्रैल-दिसंबर में फॉक्सवैगन इंडिया का निर्यात 47,021 इकाई रहा। किया मोटर्स इंडिया का निर्यात 12,496 इकाई और रेनो इंडिया का 12,096 इकाई रहा। और तो घरेलू वाहन कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा का निर्यात 10,017 इकाई रहा। वहीं समीक्षाधीन अवधि में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर का निर्यात 8,422 इकाई रहा। होंडा कार्स ने इस दौरान 3,316 इकाइयों का निर्यात किया। इस दौरान एफसीए इंडिया ने 2,391 इकाई और टाटा मोटर्स ने 1,842 इकाई का निर्यात किया।
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