नयी दिल्ली। पशुपालन किसानों के लिए तेजी से बढ़ते हुए कारोबारों में से एक है जो काफी मुनाफे वाला साबित हो सकता है। कोरोना जैसे संकट के समय में पशुपालन किसानों को काफी राहत दे सकता है। वैसे ज्यादातर किसान अपनी इनकम बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य (मछली) पालन में लगे हुए हैं। अब सरकार ने पशुपालन को बढ़ावा के लिए कई उपाय किए हैं और देश भर में पशुपालन व्यवसाय की तरक्की के लिए पशु किसानों के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड शुरू किया है। इसके अलावा आरबीआई द्वारा पशुपालन और मत्स्य पालन से संबंधित कारोबार के लिए कार्यशील पूंजी की आवश्यकता के लिए केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) सुविधा का विस्तार करने का भी निर्णय लिया गया है। मगर अकसर विभिन्न बीमारियों या प्राकृतिक आपदाओं के कारण पालतू जानवरों की मौत हो जाती है जिसके कारण किसानों को नुकसान हो जाता है। इसी समस्या को देखते हुए किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकारें पशुओं का बीमा करने के लिए पशुधन बीमा योजना और पशु किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम चला रही हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
पशुओं का होता है बीमा
पशुधन बीमा योजना कई राज्यों में चल रही है। इस बीमा योजना के माध्यम से किसान अपने मवेशियों के साथ-साथ सभी पशुओं का बीमा कर सकते हैं। इस पशु बीमा योजना में किसान अधिकतम पाँच पशुओं का एक साथ बीमा कराया जा सकता है। बीमित पाँच पशुओं को एक इकाई माना जाएगा। इसी प्रकार मांस उत्पादन करने वाले 10 पशुओं जैसे भेड़, बकरी आदि की संख्या को पशु एक इकाई माना जाएगा।
पशु किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए छूट
पशु किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए बीमा योजना के प्रीमियम पर छूट/सब्सिडी भी मिलती है। उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश में राज्य सरकार पशुपालकों को पशुओं का बीमा करने के लिए बीमा किस्त पर सब्सिडी दे रही है। बीमाकृत पशुओं की किस्त पर सरकार एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) श्रेणी के किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी और बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे), अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के पशुपालकों को 70 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। किस्त का बाकी बैलेंस खुद किसानों को देना होगा। बीमा प्रीमियम की अधिकतम दर एक साल के लिए 3 प्रतिशत और तीन साल के लिए 7.50 प्रतिशत होगी।
लोन भी मिलता है
पशु किसान क्रेडिट योजना के तहत किसी भी बैंक से 1.60 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है। कार्ड पर सालाना 7 प्रतिशत का साधारण ब्याज लिया जाएगा और समय पर भुगतान करने पर 3 प्रतिशत ब्याज दर (अधिकतम 3 लाख रुपये की लोन सीमा) पर भारत सरकार सब्सिडी भी देगी। इस तरह इस योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड योजना (पीकेसीसी) धारक को 4 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से लोन मिल सकता है। 1.60 लाख रुपये तक के लिए किसी सिक्योरिटी की भी जरूरत नहीं होती।
कैसे करें पशु किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन
पशुपालकों को लोन के लिए पशुपालन विभाग में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड और फोटो जैसी जरूरी चीजें देनी होंगी। पशु किसान क्रेडिट कार्ड सभी किसान ले सकते हैं। इस योजना में भैंस, गाय, बकरी आदि खरीदने के लिए अलग से लोन दिया जाता है। जहां तक पशुओं के बीमा का सवाल है तो बीमित पशु की मृत्यु पर 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचित करना जरूरी है। इसके बाद पशुपालन विभाग के डॉक्टर पशु शव की जांच करेंगे। रिपोर्ट में मौत के कारणों का लिखित वर्णन किया जाएगा। अधिकारी एक महीने के भीतर बीमा कंपनी के पास क्लेम फॉर्म पेश करेंगे। कंपनी 15 दिनों के भीतर क्लेम का निपटारा करेगी।
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