Women Investors In Mutual Fund: एसोसिशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया द्वारा जारी किए गए एक आंकड़े के मुताबिक म्युचुअल फंड में महिला इन्वेस्टर की हिस्सेदारी अब 15 से बढ़कर 21 प्रतिशत तक हो गई है। वहीं अगर बात करें साल 2017 की तो इस दौरान म्युचुअल फंड में वूमेन इन्वेस्टर्स के हिस्सेदारी 15 फीसदी की थी, जो साल 2023 तक बढ़कर 21 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुकी है और आने वाले समय में यह बढ़ती ही जाएगी।
आपकी जानकारी के लिए बताते चले कि इस साल म्युचुअल फंड में प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति यानी एसेट अंडर मैनेजमेंट 50 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया। गौरतलब है कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के आ जाने से म्युचुअल फंड में लोगों का इन्वेस्टमेंट जबरदस्त तरीके से बढ़ा है।

जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया है कि मार्च 2017 में म्युचुअल फंड में महिलाओं के हिस्सेदारी 15 प्रतिशत की थी, जो दिसंबर 2023 तक बढ़कर 21 प्रतिशत पहुंच गई।
एम्फी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में एक और चौंकाने वाली बात सामने आती है। इसमें पता चलता है कि म्युचुअल फंड्स में महिलाओं से दारी में होने वाली वृद्धि गति शहरी केंद्रों की तुलना में दूर-दराज के क्षेत्र में अधिक थी।
इन आंकड़ों में दी गई जानकारी से पता चलता है कि गोवा की महिलाएं म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने में सबसे आगे हैं। यह रिपोर्ट क्रिस्टल द्वारा रेडी की गई है और इसे बाजार नियामक सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच द्वारा जारी किया गया है। इस रिपोर्ट में पता चलता है कि लगभग 50 प्रतिशत महिला इन्वेस्टर्स की उम्र 25 से लेकर 44 साल तक की है। जबकि पर्सनल इन्वेस्टमेंट के कुल ग्रुप में यह आंकड़ा 45 प्रतिशत का है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि म्यूचुअल फंड में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी गोवा की महिलाओं की है। गोवा में 40 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने म्यूचुअल फंड को इन्वेस्टमेंट के लिए चुना है। गोवा के बाद नॉर्थ ईस्ट की महिलाएं भी इस मामले में काफी जागरुक है और वहां करीब 30 प्रतिशत महिलाओं की म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट में हिस्सेदारी है ।
जानकारी के मुताबिक यह पहला है म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट रेगुलर प्लान के माध्यम से अपने पैसों को इन्वेस्ट करना जारी रखते हैं। साथ ही म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से निवेश करने पर उसे पैसे को इन्वेस्ट करने पर लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट भी बनाए रखती है। अब महिला म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स की संख्या भी बढ़ रही है।
दिसंबर 2023 तक यह संख्या 42000 अंक के करीब थी और इनका कल एसेट अंडर मैनेजमेंट एक लाख करोड रुपए से भी ज्यादा का था।
म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाना एक अच्छा संकेत है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान किया जाने से यह काम काफी ज्यादा आसान हो गया है और अब महिलाएं हर महीने एक छोटी-छोटी रकम बचा कर भी बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। आप भी चाहे तो म्युचुअल फंड में हर महीने 1000 तक का मिनिमम इन्वेस्टमेंट करके पैसे इकट्ठा करना शुरू कर सकती हैं। इसे धीरे-धीरे बढ़ाया भी जा सकता है।
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