नई दिल्ली, अगस्त 29। सरकारी रेगुलेशन के अनुसार पैन को आधार नंबर से लिंक करना अनिवार्य है। वित्त अधिनियम, 2017 ने आयकर अधिनियम, 1961 में एक नई धारा 139एए सम्मिलित की थी। नई धारा के तहत प्रत्येक व्यक्ति को पैन के लिए आवेदन करते समय या आय की विवरणी प्रस्तुत करते समय अपना आधार नंबर प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।
पैन कार्ड को आधार से जोड़ना है अनिवार्य
धारा 139एए के प्रावधानों के मुताबिक प्रत्येक व्यक्ति जिसे 1 जुलाई, 2017 से पहले पैन आवंटित किया गया है और जो आधार संख्या प्राप्त करने के लिए पात्र है, उसको अपने आधार नंबर को पैन से लिंक करना चाहिए। आधार संख्या को लिंक करने में विफल होने पर, व्यक्ति का आवंटित पैन को अधिसूचित तिथि के बाद निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
पैन आधार लिंग न करने के क्या है परिणाम
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने पैन के निष्क्रिय होने के कारण और परिणामों को नियम 114एएए में अधिसूचित किया है। नियम 114एएए(2) में प्रावधान है कि अगर कोई व्यकि अधिसूचना के दिन तक पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं कर पाता है तो उसका पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाएगा। हालांकि, व्यक्ति बाद में विभाग को अपने आधार की सूचना देकर अपने पैन को फिर से सक्रिय करा सकता है।
देना होगा चार्ज
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति नियत तारीख तक पैन-आधार को लिंक करने में विफल रहता है, तो बाद में लिंग कराने के लिए उसे शुल्क का भुगतान करना होगा। धारा 234ज के तहत यदि कोई व्यक्ति नियत तारीख के बाद अपने आधार नंबर की सूचना देता है, तो वह 500 रुपये का शुल्क देने के लिए उत्तरदायी होगा। यदि ऐसी सूचना 1 अप्रैल, 2022 और 30 जून, 2022 के बीच दी जाती है तो, अन्य सभी मामलों में उसे 1000 रुपए का भुगतान देना होगा।
सीबीडीटी ने अधिसूचित किया है कि पैन को प्रस्तुत नहीं करने, सूचित करने या उद्धृत नहीं करने के लिए आयकर अधिनियम के तहत प्रदान किए गए सभी परिणाम 1 अप्रैल, 2023 से प्रभावी होंगे यदि पैन आधार के साथ लिंक न करने के कारण निष्क्रिय हो जाता है।


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