Pakistan Stock Market falls: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जो कड़ी कार्रवाई की है, उसका असर अब पाकिस्तान के शेयर बाजार में दिखने लगा है। गुरुवार, 24 अप्रैल को कराची स्टॉक एक्सचेंज में भारी गिरावट दर्ज की गई।
सबसे बड़ा इंडेक्स KSE-100, 2,565 अंक टूटकर 114,661.19 पर बंद हुआ। यह करीब 2.2% की गिरावट है, जो निवेशकों की चिंता को साफ दिखाती है। यह गिरावट भारत की ओर से की गई जबावी कूटनीतिक कार्रवाई के एक दिन बाद आई है।

भारत की कूटनीतिक कार्रवाई से बढ़ा तनाव
इस गिरावट के पीछे भारत द्वारा लिए गए सख्त फैसले माने जा रहे हैं।
भारत सरकार ने सिंधु जल समझौते को रद्द कर दिया है।
पाकिस्तानी उच्चायोग में स्टाफ की संख्या घटा दी है।
SAARC वीजा सुविधा भी रद्द कर दी गई है।
अटारी बॉर्डर, जो दोनों देशों के बीच चल रहा एकमात्र रास्ता था, अब बंद कर दिया गया है।
इन फैसलों ने पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाला है।
PM मोदी का सख्त संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा है कि आतंकवादियों की कोई जगह नहीं बचेगी और इस हमले में शामिल लोगों को बहुत कड़ी सजा दी जाएगी। उनका यह बयान भारत के कड़े रुख को दिखाता है।
निवेशकों में घबराहट, बाजार में डर का माहौल
चेस सिक्योरिटीज के रिसर्च डायरेक्टर यूसुफ एम फारूक ने बताया कि भारत-पाक तनाव की वजह से निवेशक डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में गिरावट की शुरुआत सुबह से ही हो गई थी। हालांकि, कुछ कंपनियों के अच्छे नतीजों ने थोड़ी राहत दी।
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, अरिफ हबीब लिमिटेड की रिसर्च हेड सना तौफीक ने कहा कि भारत के कदमों से बाजार का माहौल नकारात्मक हो गया है। इसके अलावा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमजोर स्थिति ने भी निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।
IMF की चेतावनी ने हालात और बिगाड़े
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान की विकास दर का अनुमान घटाकर 2.6% कर दिया है। साथ ही पाकिस्तानी रुपया भी कमजोर होकर 1 डॉलर = 285 रुपए तक पहुंचने की आशंका है। IMF ने अगले साल महंगाई 7.7% तक पहुंचने की बात कही है, जो आम लोगों के लिए और मुसीबत ला सकती है।
अब भी सतर्क हैं निवेशक
FRIM वेंचर्स के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर शाहबाज अशरफ ने कहा कि बाजार कुछ हद तक संभला है, लेकिन निवेशक अब भी नई घटनाओं को लेकर सतर्क हैं। कोई भी नई कार्रवाई बाजार को फिर से गिरा सकती है।
कूटनीति और अर्थव्यवस्था के बीच फंसा पाकिस्तान
भारत की कड़ी कार्रवाई ने पाकिस्तान को सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी झटका दिया है। अगर आने वाले दिनों में भारत और कड़े कदम उठाता है, तो पाकिस्तान के लिए हालात और बिगड़ सकते हैं। इस समय वहां का बाजार अनिश्चितता और घबराहट के दौर से गुजर रहा है।


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