Pakistan Old Vehicle Market : पाकिस्तान से अकसर अजीबो-गरीब खबरें आती रहती हैं। कभी वहां की मंत्री को लंदन में चोरनी-चोरनी बुलाया जाता है, तो कभी वहां के पीएम अपने कान पर एक हेडफोन तक सही से नहीं लगा पाते। अब एक नयी रिपोर्ट पाकिस्तान से आई है। पाकिस्तान में इस समय पुरानी कारों की बहुत अहमियत हो गयी है। हालात यह है कि वहां लोग नयी से ज्यादा पुरानी कार बेच कर पैसा कमा रहे हैं। लोग पुरानी को जिस रेट पर खरीद रहे हैं उसे हजारों किमी चला कर और महंगे में बेच रहे हैं। क्या है पूरा माजरा आगे जानिए।
समझिए पूरा खेल
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार मुहम्मद रमीज फाउंडेशन सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड से सेल्स हेड हैं। 3 साल पहले उन्होंने सुजुकी मोटर कॉर्प की लोकल यूनिट से कराची में एक नई हैचबैक कार खरीदी। फिर इसे जम कर 12,000 किलोमीटर चलाया। अब तीन साल बाद उन्हें इस कार का नये मॉडल की तुलना में 65 फीसदी अधिक रेट मिला।
60 फीसदी अधिक रेट
कराची के ऑप्टिमस कैपिटल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मुताबिक यदि किसी ने पांच साल पहले 20 लाख पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) (8,766) में नयी टोयोटा कोरोला खरीदी हो तो वे आज उसे 32 लाख पीकेआर में बेच सकता है। पर ये रेट मुद्रास्फीति के एडस्टमेंट से पहले का है। यानी 5 साल में कार की वैल्यू घटने के बजाय 60 फीसदी वृद्धि कर रही है।
क्यों हो रहा है ऐसा
कार की कीमतों के साथ जो खेल पाकिस्तान में चल रहा है उसके कई कारण हैं। इनमें गिरता पीकेआर, संरक्षणवादी बाजार और बढ़ती महंगाई शामिल है। वहीं सेकंड हैंड कारों की डिमांड भी इसका एक कारण है। वहां बिचौलिओ को "निवेशक" कहा जाता है। वे होलसेल रेट पर नए वाहन खरीदते हैं और उन्हें अधिक दाम पर बेच देते हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के चलता है कि पाकिस्तानी लोगों ने बीते पांच वर्षों में जो वाहन खरीदे, उनमें से 90 फीसदी पर कुल 170 पीकेआर के सरचार्ज का भुगतान किया।
नयी डिलीवरी की कार का समय अधिक
बता दें कि पाकिस्तान में निवेशक यानी बिचौलिओ का मकसद शॉर्ट टर्म प्रोफिट हासिल करना है। वहां के इस सेक्टर के एक व्यक्ति के अनुसार जब वे अन्य वैश्विक मैन्युफैक्चर्स से बात करते हैं, तो वे इस पर काफी हैरान होते हैं कि लोग कार खरीदने के लिए एक्स्ट्रा पैसे देते हैं। असल में इसका विकल्प ज्यादा खर्चीला हो सकता है। एक व्यक्ति ने मार्च 2022 में होंडा सिविक के लिए ऑर्डर दिया, तब इस कार की कीमत 53 लाख पीकेआर थी। पर उसे पता लगा कि कार की डिलीवरी में एक साल लगेगा। फिर मार्च से अब तक कार की कीमत 33 फीसदी बढ़ गयी है। यह और बढ़ सकती है। पाकिस्तानी में कार के ऑर्डर के समय ही ग्राहकों को फुल पेमेंट का एक हिस्सा देना होता है।
देर से बिकेगी ज्यादा मुनाफा मिलेगा
कराची में एक कार डीलर हैं। ये हैं सैम ऑटोमोबाइल्स के मालिक मुनीब गुलज़ार। वे कहते हैं कि कार को बेचने की उन्हें कोई जल्दी में नहीं है, क्योंकि उनकी कारें जितना देर से बिकेंगी, उतनी ही अधिक कीमत उन्हें मिलेगी।


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