Ozone World Bonus Shares : ओजोन वर्ल्ड लिमिटेड एक पेनी स्टॉक है जो ट्रेडिंग सर्विसेज प्रोवाइड करती है। इसकी मार्केट कैपिटल 3.07 करोड़ रुपये है। यह साझेदारी फर्म में निवेश के माध्यम से कमोडिटीज, कृषि वस्तुओं के थोक व्यापार और रियल एस्टेट के कारोबार में लगी हुई है। यह मसाले, ग्वार गम, तिलहन, जीरा, और रियल एस्टेट सेवाओं जैसी वस्तुएं प्रोवाइड कर रही है। अब ये अपने शेयरधारकों को बोनस शेयर जारी करेगी।

25,89,380 बोनस शेयर जारी किए जाएंगे
ओजोन वर्ल्ड ने अपनी नियामक फाइलिंग में कहा है कि कंपनी के निदेशक मंडल ने 25,89,380 इक्विटी शेयरों बोनस शेयरों के रूप में जारी करने की सिफारिश की है। ये शेयर 10 रु प्रति फेस वैल्यू वाले हैं। बता दें कि यह शेयर अपने 52 हफ्तों के शिखर से काफी गिर चुका है।
कितना गिरा शेयर
ओजोन वर्ल्ड का शेयर अपने 52 हफ्तों के शिखर से 47 फीसदी से अधिक गिर चुका है। इसके 52 हफ्तों का शिखर 18.99 रु रहा है, जबकि इस समय ये 9.96 रु पर है। यानी ये 47.55 फीसदी गिर चुका है। आज कंपनी का शेयर पिछले बंद स्तर के मुकाबले 1.66 रु या 20 फीसदी की उछाल के साथ 9.96 रु पर है।

चेक करें शेयर का रिटर्न
बीते 5 दिन में ओजोन वर्ल्ड का शेयर 17.18 फीसदी उछला है। वहीं बीते एक महीने में यह 22.21 फीसदी चढ़ा है। 6 महीनों में अब तक यह 10.06 फीसदी चढ़ा है। मगर 2022 में अब तक यह 33.47 फीसदी गिर चुका है। पर इसके बीते एक साल का रिटर्न 39.30 फीसदी रहा है। 5 सालों में इसने 67.77 फीसदी का नुकसान कराया है। अगस्त 2015 से अब तक यह 9.62 फीसदी गिरा है।
क्या होते हैं बोनस शेयर
कोई कंपनी शेयरधारकों को बोनस शेयर तब इश्यू करती है जब कंपनियों के पास नकदी की कमी हो जाती है और शेयरधारकों को नियमित आय की उम्मीद कंपनी से होती है। शेयरधारक बोनस शेयर बेच सकते हैं और पैसों की अपनी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। कंपनी के रिजर्व के पुनर्गठन के लिए भी बोनस शेयर जारी किए जा सकते हैं। बोनस शेयर जारी करने में कैश फ्लो शामिल नहीं होता है। यह कंपनी की शेयर पूंजी को बढ़ाता है लेकिन उसकी शुद्ध संपत्ति को नहीं।

एलआईसी की प्लानिंग
बता दें कि अब भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) भी डिविडेंड का भुगतान करने या बोनस शेयर जारी करने पर विचार कर रही है। कंपनी पॉलिसीधारकों के फंड में से करीब 22 अरब डॉलर को एक खास फंड में ट्रांसफर करने की योजना बना रही है। ये फंड डिविडेंड देने या बोनस शेयर जारी करने के लिए है। इससे एलआईसी अपनी नेटवर्थ को बढ़ाना और निवेशकों का विश्वास फिर से जगाना चाहती है। सरकारी बीमा कंपनी इसी साल मई में भारतीय स्टॉक मार्केट में आई थी। मगर इसके भाव में तब से अब तक काफी अधिक गिरावट आई है। इससे निवेशकों की संपत्ति में भी कमी आई है। एलआईसी अब अपने शेयर की कीमत में सुधार करने के लिए कदम उठाने पर विचार कर रही है। कंपनी के नॉन-पार्टिसिपेटिंग फंड में 11.57 लाख करोड़ (ट्रिलियन) रु हैं। इनमें से 1.8 ट्रिलियन रुपये, जो कि 21.83 अरब डॉलर के बराबर हैं, को ट्रांसफर करने पर विचार कर रही है। इसके नॉन-पार्टिसिपेटिंग फंड में पड़ी राशि का छठा हिस्सा है।


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