नई दिल्ली, जुलाई 24। केंद्र सरकार आपको मोटी कमाई करने का मौका दे रही है। कोविड के समय मेडिकल सेक्टर की डिमांड में तेजी आई है। केंद्र सरकार जेनरिक दवाइयां मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केद्र खोलने का मौका दे रही है। इसके लिए सरकार सहायता भी कर रही है। पीएमजेएवाई के तहत एससी, एसटी एवं दिव्यांग आवेदकों को औषधि केंद्र खोलने के लिए पचास रुपये तक की दवा एडवांस दी जाती है। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के नाम से दवा की दुकान खोली जाती है।
जन औषधि केंद्र कौन खोल सकता है
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए भारत सरकार ने इनको तीन कैटेगरी में बांटा है
1. कोई बेरोजगार फार्मासिस्ट, कोई डॉक्टर या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर जन औषधि केंद्र खोल सकता है।
2. ट्रस्ट, NGO, प्राइवेट अस्पताल, आदि।
3. राज्य सरकारों की तरफ से नॉमिनेट की गई एजेंसियां
अगर आप जनऔषधि केंद्र खोलना चाहते हैं तो आपके पास डी फार्मा या बी फार्मा की डिग्री होनी चाहिए।
आवेदन करते समय डिग्री को प्रूफ के तौर पर सबमिट करना जरूरी है।
कैसे करें आवेदन
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए सबसे पहले 'रिटेल ड्रग सेल्स' का लाइसेंस जनऔषधि केंद्र के नाम से लेना होता है। इसके लिए आप उनकी आधिकारिक वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म डाउनलोड करने के बाद आपको आवेदन को ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर के नाम से भेजना होगा।
कितनी होगी कमाई
जन औषधि केंद्र में दवाओं की बिक्री पर बीस प्रतिशत तक कमीशन के साथ ही हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 प्रतिशत तक का इंसेंटिव दिया जाता है। इस योजना के तहत दुकान खोलने के लिए सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये तक की मदद मिलती है। बिलिंग के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर खरीदने में भी केंद्र सरकार पचास हजार रुपये तक की सहायता करती है।


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