भारत में जब बात पैसे से जुड़े किसी भी काम की होती है, तो पैन कार्ड (Permanent Account Number) एक ज़रूरी डॉक्युमेंट बन जाता है। चाहे इनकम टैक्स फाइल करना हो, बैंक खाता खोलना हो, प्रॉपर्टी खरीदनी हो या निवेश करना हो पैन कार्ड का होना जरूरी है। अब इसके जरिए आप अपने म्यूचुअल फंड निवेश को भी एक ही जगह पर देख सकते हैं।

म्यूचुअल फंड की जानकारी अब सिर्फ पैन से
अक्सर लोग अलग-अलग म्यूचुअल फंड स्कीम्स में पैसा लगाते हैं कभी SIP के जरिए कभी टैक्स बचाने के मकसद से या फिर लगभग अमाउंट इन्वेस्ट करके समय के साथ जब निवेश कई जगहों पर हो जाए, तो ये जानना मुश्किल हो जाता है कि किस फंड में कितना पैसा लगा है और कितना फायदा हुआ है।
यहां पर पैन नंबर एक अहम भूमिका निभाता है। सभी निवेश आपकी पैन आईडी से लिंक होते हैं, जिससे आप अलग-अलग कंपनियों के फंड्स की जानकारी एक ही जगह देख सकते हैं आसान और बिना किसी झंझट के।
कैसे मिलेगी पूरी निवेश रिपोर्ट?
अब हर फंड हाउस की वेबसाइट पर लॉगिन करने की जरूरत नहीं रही। आप सीधे अपना Consolidated Account Statement (CAS) मंगवाकर जान सकते हैं। आपने कब किस स्कीम में निवेश किया, कितने यूनिट्स हैं उनकी मौजूदा वैल्यू क्या है। SIP चालू है या नहीं कुल रिटर्न कितना है।
कैसे मंगवाएं अपनी CAS रिपोर्ट?
सबसे पहले किसी एक वेबसाइट पर जाएं जैसे CAMS, KFintech, MF Central, NSDL या CDSL वहां 'Request CAS' या 'View Portfolio' का विकल्प चुनें। अपना पैन नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल या ईमेल और जन्मतिथि भरें। OTP दर्ज करें और फिर आप अपनी रिपोर्ट देख सकते हैं या ईमेल से मंगा सकते हैं। चाहें तो आप CAS को हर महीने अपने ईमेल पर पाने का विकल्प भी चुन सकते हैं।
अगर जानकारी नहीं मिल रही है, तो संभव है कि आपकी KYC अधूरी हो। ऐसे में आप eKYC प्रक्रिया CAMS या KFintech की वेबसाइट पर जाकर पूरा कर सकते हैं।
मृत्यु के बाद पैन रद्द करना क्यों जरूरी है?
अगर परिवार में किसी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके दस्तावेजों को इनएक्टिव कराना जरूरी होता है। पैन कार्ड, भले ही औटोमेटिक रूप से कैंसल नहीं होता, लेकिन इसे एक्टिव छोड़ देने पर भविष्य में टैक्स धोखाधड़ी, फर्जी लेन-देन या पहचान के गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ सकता है।
मृतक का पैन कार्ड कैसे रद्द करें?
इसके लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करने होंगे। मृत व्यक्ति का पैन कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र, कानूनी वारिस द्वारा लिखा गया आवेदन पत्र, वारिस का पैन कार्ड और पहचान पत्र (जैसे आधार) मृतक से रिश्ते का प्रमाण (जैसे वसीयत, परिवार रजिस्टर) ये सभी दस्तावेज इनकम टैक्स विभाग को जमा करके आप पैन रद्द करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
पैन कार्ड से न सिर्फ पहचान जुड़ी है, बल्कि पूरा फाइनेंशियल रिकॉर्ड भी
पैन कार्ड अब सिर्फ टैक्स भरने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह आपकी पूरी फाइनेंशियल हिस्ट्री का रिकॉर्ड बन चुका है। म्यूचुअल फंड निवेश की जानकारी से लेकर टैक्स प्लानिंग और मृत्यु के बाद सही दस्तावेज़ी प्रक्रिया तक पैन का सही इस्तेमाल करना और उसे समय पर अपडेट या इनएक्टिव करना बेहद जरूरी है।


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