नयी दिल्ली। चीन के साथ सीमा विवाद होने के बाद भारत ने कारोबारी मामले में बीजिंग को कारोबारी मामले में कई झटके दिए हैं। इनमें रेलवे प्रोजेक्ट और टेलीकॉम टेंडर रद्द करना, चीन से आने वाले 100 फीसदी सामान की जांच और 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध शामिल है। अब एक भारतीय कंपनी ने भी चीन को तगड़ा झटका दिया है। यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (यूसीपीएमए) के सदस्यों को चीन पर निर्भरता कम करने के लिए तकनीकी मदद की पेशकश करने के बाद हीरो साइकिल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पंकज मुंजाल ने चीन के साथ 900 करोड़ रुपये की व्यापार डील को रद्द करने का ऐलान किया है।
अगले तीन महीनों में होना था कारोबार
मुंजाल के अनुसार आने वाले 3 महीनों में कंपनी को चीन के साथ 900 करोड़ रुपये का कारोबार करना था, लेकिन उन सभी योजनाओं को रद्द कर दिया गया है। उनके मुताबिक यह चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने की हमारी प्रतिबद्धता है। मुंजाल ने कहा कि उन्होंने चीनी कंपनियों के साथ व्यापारिक संबंध तोड़ दिए हैं और अब नए बाजारों की तलाश कर रहे हैं। जर्मनी टॉप बाजार है जिस पर अब हीरो साइकिल विकल्प के रूप में देख रही है। मुंजाल ने कहा कि हीरो साइकिल जर्मनी में अपना प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है, जहाँ से वे यूरोपीय देशों मे निर्यात कर सकते हैं।
बढ़ रही साइकिलों की मांग
मुंजाल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में दुनिया भर में साइकिल की मांग बढ़ी है और हीरो साइकिल भी इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी क्षमता बढ़ा रही है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि लॉकडाउन अवधि के दौरान छोटी कंपनियों को नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक यही कारण है कि कंपनी उनकी मदद के लिए आगे आई है। हीरो साइकिल छोटी कंपनियों को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं ताकि वे हाई-एंड साइकिल पार्ट्स को बनाना शुरू कर सकें जिन्हें चीन से आयात किया जा रहा है। उनके मुताबिक एक बार लुधियाना के धानंसु गांव में साइकिल वैली शुरू हो जाए तो हम आसानी से चीन का मुकाबला कर सकते हैं। मुंजाल ने कहा कि यदि भारत लेटेस्ट कंप्यूटर बना सकता है, तो हम हाई-टेक साइकिल क्यों नहीं बना सकते।
स्वदेशी कंपनियों को प्रोत्साहन
हीरो साइकिल स्वदेशी कंपनियों को तकनीकी मदद के अलावा उन्हें हीरो कंपनियों में शामिल होने का प्रस्ताव भी दे रही है। हीरो साइकिल हाई-एंड साइकिलों और कम्प्लीट हाई-एंड साइकिलों के पार्ट्स का आयात कर रही थी। कंपनी उन साइकिलों के पार्ट्स भी आयात कर रही थी, जिन्हें पेशेवर बाइकर्स या मनोरंजक गतिविधियों के लिए खरीदा जाता है। इस बीच बाजार में हाई-एंड साइकिलों की कीमत 15,000 रुपये से लेकर 7 लाख रु से अधिक है।


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