नई दिल्ली, नवंबर 30। साल 2021 में क्रिप्टोकरेंसी का बोलबाला काफी हो गया है। कई क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों को मालामाल बना चुकी हैं। ढेरों ऐसी क्रिप्टोकरेंसी सामने आई हैं, जिन्होंने निवेशकों को 24 घंटों में ही मालामाल कर दिया। कुछ क्रिप्टो एक छोटी की खबर से ही उछल या गिर गयीं। अब वैश्विक शेयर बाजार पिछले हफ्ते नए ओमाइक्रोन कोरोनावायरस संस्करण की खबर से बाजार गिर गया, मगर इसी नाम वाली एक क्रिप्टोकरेंसी में जोरदार उछाल आई। क्रिप्टो ट्रैकर कॉइनगेको के मुताबिक इस डिजिटल टोकन की कीमत, जिसके ट्विटर फीड में 1,000 से अधिक ऑलोअर हैं, शुक्रवार से सोमवार सुबह तक लगभग दस गुना बढ़ गया।
कितने रेट तक गया कॉइन
ये कॉइन 688 डॉलर तक पहुंच गया। मगर बाद में इसमें 75 फीसदी तक की गिरावट आई। ओमाइक्रॉन टोकन, जिसकी वेबसाइट के अनुसार यह "एक डीसेंट्रलाइज्ड ट्रेजरी-सपोर्ट करेंसी प्रोटोकॉल" है, लगभग 371 डॉलर पर कारोबार कर रही है। गुरुवार को इसकी कीमत लगभग 65 डॉलर थी। दरअसल विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को नए कोविड-19 संस्करण का नाम ओमाइक्रॉन रखा। इसके बाद ही ओमाइक्रॉन क्रिप्टो में इतनी उछाल आई।
कई देशों में मिला नया वेरिएंट
कोरोना का ओमाइक्रॉन एक नया वेरिएंट है, जिसकी कई देशों में होने की सूचना मिली है। अब कहा गया है कि इसमें वृद्धि का "बहुत अधिक" जोखिम है। वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि इसकी गंभीरता को समझने में हफ्तों लग सकते हैं। बहरहाल आज मंगलवार को करीब साढ़े 11 बजे ओमाइक्रॉन टोकन फिर से गिर गया। इसमें 56.46 फीसदी की गिरावट आई। यह अब कॉइनमार्केट कैप पर 272.68 डॉलर पर कारोबार कर रहा है।
क्या है अचानक तेजी का कारण
शॉर्ट टर्म में मूल्य वृद्धि के आधार पर यह संभव है कि क्रिप्टो ने नए कोविड-19 संस्करण के प्रभाव के बारे में वैश्विक डर के बीच एक तेजी हासिल की। कोविड-19 महामारी में लगभग दो साल के बाद दुनिया ने शुक्रवार को एक नए कोरोनावायरस संस्करण देखा है। ये बी.1.1.529 है, जो लगभग हर महाद्वीप पर संक्रमण की नयी लहर को फैला सकता है।
क्रिप्टो की तेजी से रहें सावधान
इस तरह की क्रिप्टो की तेजी से सावधान भी रहना चाहिए। नेटफ्लिक्स की स्क्विड गेम नामक दक्षिण कोरियाई सीरीज ने धमाल मचाया। फिर इसी ड्रामा के नाम वाले क्रिप्टो ने भी एक सनसनी बनाई। इस क्रिप्टो ने निवेशकों को 30,000 प्रतिशत तक का भारी भरकम रिटर्न कुछ ही घंटों में दिया। पिछले महीने ये 5 दिन में 1 लाख फीसदी से भी अधिक का रिटर्न देने में कामयाब रहा। मगर बाद में इसमें हुए भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ।
रग पुल का मामला
बाद में स्क्विड ने अपनी लगभग सारी वैल्यू खो दी थी। इसे घोटाला कहा गया। माना जा रहा था कि यह घटना एक घोटाले का हिस्सा है, जिसे आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी निवेशकों के बीच "रग पुल" के नाम से जाना जाता है। इसमें होता यह है कि इस तरह के डिजिटल टोकन के प्रमोटर जबरन सभी बिजनेस गतिविधियों को रोक देते हैं और बिक्री से जुटाए गए पैसे के साथ भाग जाते हैं। स्क्विड के डेवलपर्स अनुमानित 3.38 मिलियन डॉलर के साथ भाग गए।
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