Om Prakash Behera's Success Story: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक जेईई मेन 2025 में इस बार ओम प्रकाश बेहरा नाम का एक छात्र चर्चा में है। वजह है उनकी परफॉर्मेंस उन्होंने दोनों सेशनों में परफेक्ट 300 में से 300 अंक हासिल कर सबको चौंका दिया है। इसके साथ ही उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1 भी अपने नाम की है।

कोटा में रहकर की तैयारी
ओम प्रकाश भुवनेश्वर, ओडिशा के रहने वाले हैं। उनकी पढ़ाई की शुरुआत वहीं से हुई, लेकिन जेईई की तैयारी के लिए उन्होंने राजस्थान के कोटा शहर का रुख किया। कोटा में रहकर उन्होंने कई सालों तक मेहनत की और एक-एक टेस्ट को सीरियसली लिया।
परिवार ने दिया पूरा साथ
ओम प्रकाश की सफलता में उनके माता-पिता की भूमिका बहुत अहम रही है। उनके पिता कमलकांत बेहरा एक सरकारी अफसर हैं, लेकिन बेटे की पढ़ाई में सहयोग देने के लिए उन्होंने खुद को दिल्ली ट्रांसफर करा लिया ताकि कोटा आना-जाना आसान हो जाए। वहीं, उनकी मां स्मिता रानी बेहरा जो कि एक कॉलेज में लेक्चरर थीं, उन्होंने अपनी नौकरी से तीन साल का ब्रेक लेकर बेटे के साथ कोटा में रहना शुरू किया।
10वीं तक नहीं था इंजीनियरिंग का प्लान
ओम प्रकाश का कहना है कि 10वीं क्लास तक उन्हें यह भी नहीं पता था कि इंजीनियर बनने के लिए जेईई जैसी कोई परीक्षा देनी होती है। लेकिन उनके स्कूल के टीचर्स ने उन्हें सही दिशा दिखाई और जेईई की तैयारी के लिए कोटा जाने का सुझाव दिया। वहीं से उन्होंने ठान लिया कि अब वो सिर्फ पास नहीं बल्कि टॉप करेंगे।
हर टेस्ट से सीखा कुछ नया
कोचिंग के दौरान ओम प्रकाश ने वीकली और मॉक टेस्ट को बहुत गंभीरता से लिया। हर बार जब कोई गलती होती थी, तो वो उसे नोट करते और अगली बार उससे बचने की कोशिश करते। उन्होंने सिर्फ पढ़ाई नहीं की, बल्कि पढ़ाई के तरीकों को भी समझा और सुधारा।
फोन और सोशल मीडिया से दूरी
आज के समय में जहां ज्यादातर छात्र मोबाइल और सोशल मीडिया से जुड़े रहते हैं, ओम प्रकाश ने इनसे दूरी बना ली थी। उनका मानना है कि फोन समय और ध्यान दोनों को नष्ट करता है। उन्होंने अपना पूरा फोकस पढ़ाई पर रखा और distractions को खुद से दूर रखा।
रोजाना 8-9 घंटे सेल्फ स्टडी
ओम प्रकाश हर दिन करीब 8 से 9 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। उन्होंने एनसीईआरटी की किताबों को बार-बार पढ़ा और बेसिक क्लियर करने पर जोर दिया। उनका लक्ष्य अब आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना है, जिसके लिए वो जेईई एडवांस्ड की तैयारी में जुटे हुए हैं।
एक साधारण छात्र, असाधारण मेहनत
ओम प्रकाश ने 10वीं में भी 92% अंक प्राप्त किए थे। उन्हें पढ़ाई के अलावा किताबें पढ़ने का भी शौक है। वे मानते हैं कि नॉवेल्स पढ़ने से दिमाग को आराम भी मिलता है और सोचने की ताकत भी बढ़ती है।
समय का सही इस्तेमाल करें
ओम प्रकाश का कहना है कि जो समय हमारे पास है, उसी का सही इस्तेमाल करना चाहिए। जो बीत गया, उस पर सोचने से बेहतर है कि आज क्या कर सकते हैं, उस पर ध्यान दें।


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