Ola Electric Scooter News: ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटर की ब्रिकी में फेस्टिव सीजन के समय तेजी देखने को मिली लेकिन आए दिन इन स्कूटरों में बैटरी डाउन होने और अन्य तकनीकी खराबी आने की शिकायतें आती रहती है। ऐसे ही एक मामला रंगा रेड्डी, तेलंगाना में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) के पास आया जिसके बाद हैदराबाद निवासी को उसके ओला एस1 प्रो इलेक्ट्रिक स्कूटर में बार-बार आ रही समस्याओं के बाद ₹1,63,986 वापस करने का आदेश दिया। आइए इस पूरे मामले के बारे में आपको बताते हैं।

जानें क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता के. सुनील चौधरी के अनुसार,26 जून, 2022 को उन्होंने स्कूटर खरीदा था, जिसके लिए उन्हें कुल ₹1,63,986 का भुगतान करना पड़ा, जिसमें अलावा इसमें बाकि की सर्विस शामिल थीं। इनमें पांच साल की वारंटी, एक साल का ओला केयर प्लान और घर पर लगाने के लिए हाइपरचार्जर शामिल था। हालांकि, खरीद की तारीख से ही स्कूटर का चार्जर खराब था, और इसे 10 दिनों के भीतर बदल दिया गया था लेकिन फिर भी बैटरी की समस्या बनी रही।
सुनील चौधरी ने बताया कि बैटरी की खराबी के कारण उन्हें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण स्कूटर बार-बार और लंबे समय तक बंद रहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि ओला इलेक्ट्रिक ने समस्या का तुरंत समाधान करने के बजाय, खराबी को ठीक करने में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और इसपर सही से एक्शन नहीं लिया, जिससे उन्हें एक खराब स्कूटर मिल गया।
इतना ही नहीं, ओला इलेक्ट्रिक फोरम के समक्ष उपस्थित नहीं हुई और न ही लिखित जवाब दाखिल किया। 24 जनवरी, 2024 को नोटिस दिए जाने के बावजूद, कंपनी ने न तो शिकायत का विरोध किया और न ही 45 दिन की समय सीमा के भीतर कोई खंडन प्रस्तुत किया। आयोग ने इस अनुपस्थिति को नोट किया, जिसने मामले को एकपक्षीय रूप से तय करने के लिए आगे बढ़ा।
Ola को इन वजहों से भरने पड़ेंगे लाखों रुपये
कानूनी नोटिस, चालान और कॉरेस्पोंडेंस के साथ अन्य डॉक्यूमेंट्स साक्ष्य के आधार पर, आयोग ने निर्धारित किया कि ओला इलेक्ट्रिक की गतिविधियां गलत ट्रेड प्रैक्टिस और सेवा में कमी के बराबर थीं।
इसने इस बात पर जोर दिया कि वारंटी अवधि के दौरान, शिकायतकर्ता को कई महत्वपूर्ण अनसुलझे मुद्दों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण स्कूटर भी अनुपयोगी हो गया।
इसके अलावा, कानूनी नोटिसों पर ओला की प्रतिक्रिया में कमी तथा वारंटी नियमों को पूरा करने में उसकी विफलता ने दावे को और पुष्ट किया। इसके बाद आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक को चौधरी को 1,63,986 रुपये वापस करने का निर्देश दिया, जिस पर अगस्त 2023 से वापसी प्राप्त होने तक 9% प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी लगेगा।
इतना ही नहीं, ओला के कार्यों से हुई मानसिक और शारीरिक परेशानी को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने चौधरी को मुआवजे के रूप में ₹10,000 तथा मुकदमेबाजी की लागत के लिए अतिरिक्त ₹10,000 देने का आदेश दिया।


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