नयी दिल्ली। प्रमुख कैब सर्विस प्रोवाइडर ओला और उबर को बहुत जल्द टक्कर मिलने वाली है। इन दोनों कंपनियों को अब बड़ी कार निर्माता कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा से मुकाबला करना होगा। ऑटो कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा कॉर्पोरेट्स के लिए Alyte नाम से कैब एग्रीगेटर लॉन्च करके साझा मोबिलिटी सर्विसेज सेगमेंट में प्रवेश करेगी। महिंद्रा की इस सेवा की शुरुआत से ओला और उबर को सीधी और कड़ी टक्कर मिल सकती है। महिंद्रा का दावा है कि Alyte के बेड़े में अगले दो-तीन वर्षों में एक चौथाई वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। महिंद्रा का लक्ष्य अपने सभी मोबिलिटी कारोबारों को एक वर्टिकल के तहत लाना है। कंपनी की नई योजना से Alyte (वर्तमान में महिंद्रा लॉजिस्टिक्स के तहत), मेरु कैब्स (इसमें अधिकांश हिस्सेदारी महिंद्रा की है), Glyd (महिंद्रा की ई-वाहन टैक्सी सेवा) और फर्स्ट चॉइस (इस्तेमाल की गयी कारों का व्यवसाय) सभी मोबिलिटी सर्विसेज कारोबारों को मोबाइल सर्विसेज नाम की इकाई के तहत लाया जायेगा।
महिंद्रा की मजबूत कोशिश
Alyte कैब एग्रीगेटर और शेयरिग मोबिलिटी सर्विसेज सेगमेंट में आने के लिए कंपनी का पर्याप्त प्रयास होगा। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक महिंद्रा लॉजिस्टिक्स के सीईओ रामप्रवीण स्वामीनाथन के अनुसार हम इस तिमाही से देश भर में Alyte नामक अपनी मोबिलिटी सर्विस पेश कर रहे हैं। इसी महीने Alyte के लिए एक ऐप भी लॉन्च करेगी। ये सर्विस कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट आधार पर काम करेगी। कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी के कर्मचारियों को ऑफिस से उनके घरों, गोदामों या मीटिंग की जगहों तक ले जाने की सेवा शामिल होगी।
ऐप में जोड़ी जायेगी ऑन-कॉल सर्विस
बाद में Alyte ऐप में ऑन-कॉल सर्विस भी जोड़ी जायेगी। इससे कर्मचारी अन्य सेवाओं के साथ एयरपोर्ट जाने के लिए सीट बुक कर सकेंगे। कंपनी के वे कर्मचारी जो कॉन्ट्रैक्ट के तहत कवर होंगे वे अपने कर्मचारी आईडी या अन्य अकाउंट डिटेल जमा करके Alyte का उपयोग कर सकेंगे। बता दें कि ओला का अपनी ओला कॉर्पोरेट सर्विस के जरिये कॉर्पोरेट टैक्सी सर्विसेज में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हाल ही में उबर ने भी अपने उबर फॉर बिजनेस फीचर के जरिये से इस सेगमेंट में प्रवेश किया है।
10000 से अधिक कंपनियां कर रहीं इस्तेमाल
कुछ रिपोर्टों के अनुसार 22 अलग अलग उद्योगों में फैली 10,000 से अधिक कंपनियां वर्तमान में ओला कॉर्पोरेट का उपयोग कर रही हैं। Alyte एक बी2बी एप्लीकेशन होगी और यह कॉर्पोरेट साझेदारी के माध्यम से काम करेगी। इस तरह की इसकी कार्यप्रणाली उबर और ओला जैसी बी2सी सेवाओं से काफी अलग होगी। वैसे कैब सर्विस सेक्टर में नये खिलाड़ी के आने से ग्राहकों को फायदा मिलेगा। क्योंकि कॉम्पिटीशन बढ़ने पर कंपनियां ऑफर देती हैं।
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