Pension Scheme for Imprisoned During Emergency: ओडिशा सरकार ने 1975 से 1977 तक इमरजेंसी के दौरान जेल में बंद व्यक्तियों के लिए ₹20,000 की मासिक पेंशन की घोषणा की है।
इस पहल का उद्देश्य उन लोगों की सहायता करना है जिन्हें उस दौरान Maintenance of Internal Security Act (MISA) के तहत हिरासत में लिया गया था। इसका फायदा वहीं लोग उठा सकते हैं जो 1 जनवरी, 2025 तक जीवित हैं। आइए इसके बारे में आपको जानकारी देते हैं।

इमरजेंसी से प्रभावित लोगों को मिलेगा फायदा
ओडिशा के राज्य गृह विभाग ने 13 जनवरी, 2025 को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें पेंशन योजना की जानकारी दी गई है। सरकार इन व्यक्तियों के मेडिकल खर्च को भी वहन करेगी। पात्र लाभार्थियों की पहचान करने के लिए राज्य और जिला दोनों स्तरों पर समितियां स्थापित की गई हैं। यह कदम इमरजेंसी से प्रभावित लोगों के अधिकारों को मान्यता देने का प्रयास है।
पेंशन योजना के लिए कौन-कौन कर सकता है अप्लाई?
इस पेंशन के लिए आवेदन करने के लिए, पात्र व्यक्तियों को कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट को अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा। जरूरी डॉक्यूमेंट्स में इमरजेंसी के दौरान गिरफ्तारी का प्रमाण, तीन साथी कैदियों के नाम और मीसा के तहत कारावास की पुष्टि करने वाला हलफनामा शामिल है। ये कदम सुनिश्चित करते हैं कि केवल वास्तविक आवेदकों को ही लाभ मिले।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कहा कि यह निर्णय आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों की मांगों के जवाब में लिया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेंशन के अलावा स्वास्थ्य बीमा और रेलवे सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इमरजेंसी के दौरान देश भर में सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था।
ओडिशा सरकार का यह फैसला उनके बलिदान को मान्यता देने और उन्हें उचित सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है। वित्तीय सहायता और अतिरिक्त लाभ प्रदान करके, सरकार का उद्देश्य इन व्यक्तियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों को दूर करना है।


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