NSE IPO: भारत के शेयर बाजार की रीढ़ माने जाने वाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का आईपीओ एक बार फिर चर्चा में है। सेबी से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद अब NSE की लिस्टिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। लंबे समय से निवेशक इस पल का इंतजार कर रहे थे और अब माना जा रहा है कि जल्द ही देश को एक बड़ा और ऐतिहासिक आईपीओ देखने को मिल सकता है।

ऑफर फॉर सेल के जरिए आएगा IPO
मिली जानकारी के अनुसार, NSE का आईपीओ ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए लाया जाएगा। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बाजार में बेचेंगे। इससे कंपनी को सीधे पैसा नहीं मिलेगा, लेकिन शेयरधारकों को बाहर निकलने या हिस्सेदारी घटाने का मौका जरूर मिलेगा।
बड़े शेयरधारकों की भूमिका अहम
NSE में कई बड़े और भरोसेमंद निवेशकों की हिस्सेदारी है। इनमें LIC, टेमासेक, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स जैसे नाम शामिल हैं। चर्चा है कि ये संस्थाएं अपनी सीमित हिस्सेदारी बेच सकती हैं। इसके अलावा एक्सचेंज के हजारों छोटे शेयरधारकों को भी सेकेंडरी सेल के जरिए शेयर बेचने का विकल्प दिया जा सकता है। इससे IPO में भागीदारी का दायरा काफी बड़ा होगा।
IPO प्रक्रिया की निगरानी के लिए बनेगी कमेटी
बताया जा रहा है कि NSE का बोर्ड जल्द ही एक खास कमेटी बना सकता है, जो पूरे IPO प्रोसेस पर नजर रखेगी। यह कमेटी निवेश बैंकों की नियुक्ति, फीस तय करने, कितने शेयर बेचे जाएंगे जैसे अहम फैसलों में बोर्ड की मदद करेगी। साथ ही ड्राफ्ट दस्तावेज तैयार करने और रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को पूरा करने में भी इसकी भूमिका होगी।
अनलिस्टेड मार्केट में पहले से मजबूत भरोसा
NSE के शेयर पहले से ही अनलिस्टेड बाजार में काफी ऊंचे भाव पर ट्रेड हो रहे हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल और कमाई पर पूरा भरोसा है। NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जहां हर दिन करोड़ों रुपए का कारोबार होता है। इसी वजह से इसकी लिस्टिंग को बेहद खास माना जा रहा है।
पहले क्यों अटका था IPO
NSE ने कई साल पहले लिस्टिंग की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ प्रशासनिक और नियमों से जुड़े मुद्दों के चलते यह प्रक्रिया रोक दी गई थी। बाद में कंपनी ने इन मामलों को सुलझाया और अब जाकर सेबी से मंजूरी मिली है। यही वजह है कि यह IPO केवल एक इश्यू नहीं बल्कि एक लंबी प्रक्रिया के पूरा होने का संकेत भी है।
निवेशकों के लिए क्यों है खास
NSE का आईपीओ आने से बाजार में नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है। निवेशकों को देश के सबसे मजबूत वित्तीय संस्थानों में से एक में हिस्सेदारी लेने का मौका मिलेगा। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चलता है, तो यह IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।


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