NSE IPO: 17 सितंबर से खुल रहा है बड़ा मौका! क्या BSE और CDSL के शेयरों में आएगी सुनामी?

गणेश चतुर्थी के मौके पर सोमवार को बंद रहने के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर ट्रेडिंग के लिए खुलेंगे। पिछले हफ्ते की सुस्ती, 100 डॉलर के करीब पहुंच चुका क्रूड ऑयल और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों को सतर्क कर रखा है। इन सबके बीच, इस हफ्ते बाजार की दिशा और लिक्विडिटी तय करने में एनएसई (NSE) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ सबसे बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।

एनएसई का यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने इसके लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह पूरा इश्यू ₹22,561.5 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें लॉट साइज 8 शेयरों का रखा गया है। एंकर इनवेस्टर्स के लिए बोली 16 सितंबर को खुलेगी, जबकि बीएसई (BSE) पर इसकी लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की संभावना है। वहीं, 12 सितंबर तक अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम (GMP) करीब ₹218 के आसपास ट्रेड कर रहा था।

NSE IPO 2026: Dates, Price Band, and Impact on BSE, CDSL, and Market Stocks - What Investors Should Know

NSE IPO: वैल्यूएशन और साथी कंपनियों का गणित

अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित वैल्यूएशन करीब ₹4.42 लाख करोड़ बैठता है। लिस्टिंग के बाद इसके वैल्यूएशन की तुलना बीएसई (BSE) से की जा सकती है, जो फिलहाल 47-49 के ट्रेलिंग पीई (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है और जिसका मार्केट कैप करीब ₹1.34 लाख करोड़ है। यह तुलना लिस्टिंग के बाद मिलने वाले प्रीमियम या शेयर की सही कीमत का अंदाजा लगाने में काफी मददगार साबित होगी।

NSE IPO: असरदार शेयर, जोखिम और मंगलवार के लिए ट्रेडिंग प्लान

इस आईपीओ की हलचल का असर कई दूसरे लिस्टेड शेयरों पर भी दिख सकता है। इनमें सबसे पहला नाम बीएसई का है, जहां लिस्टिंग होने की वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम और फीस की कमाई बढ़ सकती है। वहीं, रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से CDSL और CAMS जैसे शेयरों को फायदा मिल सकता है। इसके अलावा, मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की IEX और MCX के साथ-साथ एंजेल वन (Angel One) और मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) जैसे ब्रोकरेज शेयरों में भी कैश मार्केट की तेजी का असर दिख सकता है। देश में रजिस्टर्ड इनवेस्टर्स की बढ़ती संख्या इन सभी शेयरों के लिए सकारात्मक संकेत है।

हालांकि, कुछ बड़े जोखिम भी हैं—जैसे सेल्फ-लिस्टिंग से जुड़े रेगुलेटरी नियम, संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से लिक्विडिटी में उतार-चढ़ाव और इंडेक्स का गणित। एनएसई ने अपने ही प्लेटफॉर्म पर शेयर ट्रेड करने की मंजूरी नहीं मांगी है, यानी यह शेयर फिलहाल सिर्फ बीएसई पर ही ट्रेड करेगा। निफ्टी 50 में शामिल होने के लिए एनएसई पर लिस्ट होना जरूरी है, इसलिए फिलहाल इसका इंडेक्स में तुरंत शामिल होना मुश्किल है। ऐसे में मंगलवार को बाजार खुलते ही बुधवार की एंकर बुक, कच्चे तेल की चाल और ग्लोबल मार्केट के मूड पर नजर रखना जरूरी होगा।

ध्यान दें कि यह विश्लेषण केवल जानकारी के उद्देश्य से है, इसे निवेश की सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, इसलिए पैसे लगाने से पहले ऑफर डॉक्यूमेंट्स ध्यान से पढ़ें और किसी सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड एडवाइजर की सलाह जरूर लें। मंगलवार की ट्रेडिंग के लिए गिफ़्ट निफ्टी (Gift Nifty) के संकेतों, अमेरिकी बांड यील्ड और एनएसई आईपीओ के एंकर अलॉटमेंट से जुड़ी खबरों पर नजर रखें। याद रखें, पुराना प्रदर्शन या ग्रे मार्केट के संकेत भविष्य के बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं देते।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+