1 Paisa Tick Size For Stocks: NSE और BSE दोनों देश के बड़े एक्सचेंज हैं। ज्यादातर नामी शेयर आप दोनों एक्सचेंजों पर खरीद और बेच सकते हैं। दोनों ही एक्सचेंज चाहती हैं कि उनके यहां पर ट्रेडिंग अधिक हो।

ऐसे में NSE ने एक बड़ा फैसला लिया है। आपको बता दें कि एनएसई ने ये फैसला लिया है कि 250 रुपये के नीचे ट्रेड हो रहे शेयर में अब टिक-साइज में आपको 1 पैसे का फर्क नजर आएगा। अभी तक आमतौर पर 5 पैसे का टिक साइज दिखता है।
जानिए क्या होता है टिक साइज
टिक साइज दरअसल लगातार चल रही दो बिड्स (खरीदने का भाव) और ऑफर (बेचने के भाव) के बीच का अंतर होता है। सरल भाषा में कहें तो स्टॉक ट्रेडिंग में टिक साइज उस मिनिमम प्राइस मूवमेंट को रिप्रेजेंस करता है जिसके द्वारा स्टॉक की कीमतें बदल सकती हैं।
मान लीजिए अगर किसी शेयर के लिए टिक साइज 5 पैसा है तो कीमत केवल 5 पैसे की कमी या वृद्धि में ही मूव कर सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एनएसई सर्कुलर के अनुसार ETF को छोड़कर EQ, BE, BZ, RL, AF सीरीज के तहत सभी सिक्योरिटीज के टिक साइज में बदलाव आएगा।
पहले इनके लिए टिक साइज 5 पैसा था और सर्कुलर में यह जानकारी दी गई है कि T+1 सेटलमेंट में सिक्योरिटीज के लिए टिक साइज, T+0 सेटलमेंट के लिए भी लागू होगा।
एनएसई ने यह जानकारी भी दी है
एनएसई ने यह भी जानकारी दी है कि महीने के आखिरी कारोबारी दिन के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर टिक साइज को लेकर हर महीने रिव्यू और एडजस्मेंट किया जाएगा।
स्टॉक फ्यूचर्स में भी 8 जुलाई से वही टिक साइज होगा जो कैश मार्केट सेगमेंट में लागू होगा। टिक साइज में बदलाव सभी एक्सपायरी के लिए लागू होगा।
आपको बता दें कि एक्सचेंज की जानकारी के अनुसार महीने के अंतिम ट्रेडिंग दिन के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर टिक साइज को हर महीने रिव्यू और एडजस्ट भी किया जाएगा।
आपको बता दें कि 10 जून से केवल कैश में ही यह लागू होगा मगर 8 जुलाई से यही टिक साइज फ्यूचर स्टॉक्स में भी लागू हो जाएगा।
पिछले हफ्ते बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,404.45 अंक या 1.89 प्रतिशत के लाभ में रहा। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 455.1 अंक या दो प्रतिशत चढ़ गया। वहीं, शुक्रवार को सेंसेक्स 75, 636.50 अंक के अपने दिन में कारोबार के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचा। निफ्टी ने उसी दिन पहली बार 23,000 अंक का आंकड़ा पार किया।
यह भी उम्मीद है कि बाजार में धीरे-धीरे तेजी आएगा। चुनावी और तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त होने वाला है और ऐसे में बाजार में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।


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