गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 के लिए NSE ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL), कायन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) और अंबुजा सीमेंट्स (Ambuja Cements) को F&O (वायदा एवं विकल्प) बैन लिस्ट में डाल दिया है। इन शेयरों में मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) की सीमा पार होने की वजह से यह कदम उठाया गया है। बैन लागू होने के बाद ट्रेडर इन शेयरों में नए डेरिवेटिव्स पोजीशन नहीं बना सकते, हालांकि पुरानी पोजीशन को घटाने या काटने (square off) की पूरी छूट है। वहीं, कैश मार्केट में ट्रेडिंग पहले की तरह सामान्य रूप से जारी रहेगी। यह लिस्ट एक्सचेंज के प्री-ओपन डेटा और प्रमुख डेरिवेटिव्स ट्रैकर्स के आधार पर जारी की गई है।
आसान शब्दों में कहें तो आज आप इन शेयरों में नए फ्यूचर्स या ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स शुरू नहीं कर सकते। हालांकि, अपनी पुरानी ओपन पोजीशन को घटाने या क्लोज करने की अनुमति है। एक्सचेंज ने चेतावनी दी है कि बैन के बावजूद अगर कोई नया ओपन इंटरेस्ट जोड़ता है, तो उस पर पेनल्टी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ध्यान दें कि इंडेक्स डेरिवेटिव्स पर इस बैन का कोई असर नहीं पड़ेगा, और कैश मार्केट में इक्विटी डिलीवरी या इंट्राडे ट्रेडिंग सामान्य रूप से चलती रहेगी।

F&O बैन लिस्ट आज: जानें क्या करें और किससे बचें
इन शेयरों को F&O बैन में इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि इनका कुल डेरिवेटिव ओपन इंटरेस्ट मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट (MWPL) के 95 प्रतिशत को पार कर गया है। ऐसे में नया ओपन इंटरेस्ट जोड़ने वाला कोई भी ऑर्डर अमान्य माना जाएगा। इसलिए सिर्फ अपनी पुरानी पोजीशन काटने वाले ट्रेड ही करें और कोई भी ऑर्डर देने से पहले अपने ब्रोकर टर्मिनल पर लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें।
| Stock | Ban status | F&O actions allowed | Cash market |
|---|---|---|---|
| SAIL | बैन में शामिल | पुरानी पोजीशन घटाएं या बंद करें; नई पोजीशन पर रोक | सामान्य ट्रेडिंग |
| Kaynes Technology | बैन में शामिल | पुरानी पोजीशन घटाएं या बंद करें; नई पोजीशन पर रोक | सामान्य ट्रेडिंग |
| Ambuja Cements | बैन में शामिल | पुरानी पोजीशन घटाएं या बंद करें; नई पोजीशन पर रोक | सामान्य ट्रेडिंग |
SAIL, कायन्स, अंबुजा बैन में हैं? तो अपनाएं ये स्मार्ट विकल्प और हेजिंग तरीके
बिना पेनल्टी का जोखिम लिए इंट्राडे में ट्रेडिंग का मौका तलाश रहे हैं? ऐसे में आप इन्हीं सेक्टरों की अन्य लिक्विड कंपनियों या इंडेक्स का रुख कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, SAIL की जगह आप टाटा स्टील (Tata Steel) या निफ्टी मेटल (Nifty Metal) के ऑप्शंस देख सकते हैं। अंबुजा सीमेंट्स के विकल्प के रूप में अल्ट्राटेक (UltraTech) या ACC बेहतर वॉल्यूम देते हैं। वहीं, कायन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) की जगह डिक्सन (Dixon) ज्यादा लिक्विड विकल्प हो सकता है। ऐसे समय में टाइट स्प्रेड वाले स्ट्राइक चुनें, फार आउट-ऑफ-द-मनी (OTM) स्ट्राइक्स से बचें और खबरों के बीच ट्रेड साइज छोटा रखें।
F&O बैन से बाहर निकलने के नियम और रिस्क मैनेजमेंट
कोई भी शेयर F&O बैन से बाहर तभी आता है, जब उसका कुल फ्यूचर-इक्विवैलेंट ओपन इंटरेस्ट घटकर MWPL के 80 प्रतिशत से नीचे आ जाता है। इसकी पुष्टि एक्सचेंज की अगली आधिकारिक रिपोर्ट में होती है। तब तक अपनी पोजीशन केवल घटाने पर ही ध्यान दें, सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करें और हर ट्रेड में रिस्क सीमित रखें। इसके अलावा, कंपनी से जुड़े बड़े इवेंट्स और सेक्टोरल डेटा पर नजर बनाए रखें, क्योंकि ये ओपन इंटरेस्ट में अचानक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
आज के बैन से F&O में मौके भले सीमित हुए हों, लेकिन ट्रेडिंग रुकी नहीं है। पेनल्टी से बचने के लिए कैश सेगमेंट या लिक्विड विकल्पों का सहारा लें और सिर्फ पोजीशन घटाने वाले ऑर्डर ही डालें। ट्रेड में उतरने से पहले अपने टर्मिनल पर शेयर का लाइव बैन स्टेटस दोबारा जांचना न भूलें। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए कोई भी फैसला अपने स्व-मूल्यांकन के आधार पर ही लें।


Click it and Unblock the Notifications