नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने SME (स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) प्लेटफॉर्म से मेनबोर्ड पर जाने वाली कंपनियों के लिए नए नियम बनाए हैं। ये बदलाव 1 मई 2025 से लागू होंगे। NSE का मकसद है कि मेनबोर्ड पर केवल वही कंपनियां जाएं जो वित्तीय रूप से मजबूत, भरोसेमंद और निवेशकों के लिए सुरक्षित हों।

मेनबोर्ड पर जाने के लिए कड़े हुए नियम
अब SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड कंपनियों को मेनबोर्ड में जाने के लिए कुछ नए और सख्त मानदंडों को पूरा करना होगा। आइए जानते हैं क्या-क्या बदला गया है:
चुकता पूंजी (Paid-up Capital)
कंपनी की चुकता इक्विटी पूंजी कम से कम 10 करोड़ रुपए होनी चाहिए। इससे यह तय होगा कि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है।
बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization)
कंपनी का पिछले कुछ महीनों का औसत बाजार पूंजीकरण 100 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा होना चाहिए। बाजार पूंजीकरण से कंपनी के आकार और बाजार में उसकी स्थिति का अंदाजा लगाया जाता है।
कमाई (Revenue)
कंपनी की पिछले वित्तीय वर्ष में ऑपरेशंस से कमाई 100 करोड़ रुपए से अधिक होनी चाहिए। यानी कंपनी को केवल कागज़ी फायदा नहीं, बल्कि असली कारोबार से अच्छी कमाई करनी चाहिए।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit)
पिछले तीन सालों में से कम से कम दो वर्षों में कंपनी ने ऑपरेटिंग लेवल पर फायदा कमाया हो, यह जरूरी है। इससे कंपनी की स्थिरता और बिजनेस की मजबूती का पता चलता है।
SME प्लेटफॉर्म पर न्यूनतम समय
कंपनी को कम से कम 3 साल तक NSE के SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रहना चाहिए। इसका मकसद यह देखना है कि कंपनी ने समय के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है या नहीं।
पब्लिक शेयरधारकों की संख्या
मेनबोर्ड में जाने के समय कंपनी के पास कम से कम 500 पब्लिक शेयरहोल्डर्स होने चाहिए। इससे कंपनी की शेयर होल्डिंग में विविधता और सार्वजनिक निवेशकों का विश्वास नजर आता है।
प्रमोटर की हिस्सेदारी
आवेदन करते समय कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी कम से कम 20% होनी चाहिए। साथ ही, लिस्टिंग के समय जो हिस्सेदारी थी, उसमें से आधे से ज्यादा हिस्सेदारी प्रमोटर के पास बनी रहनी चाहिए।
बदलाव क्यों जरूरी थे?
NSE ने ये बदलाव इसलिए किए हैं ताकि मेनबोर्ड पर कमजोर और अस्थिर कंपनियां न आ सकें। मेनबोर्ड बड़े निवेशकों और बड़ी पूंजी का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए वहाँ लिस्ट होने वाली कंपनियों का मजबूत और पारदर्शी होना जरूरी है। इससे आम निवेशकों का भरोसा भी बना रहेगा और उन्हें सुरक्षित निवेश के विकल्प मिलेंगे।
SME कंपनियों के लिए बड़ा मौका
SME कंपनियों को अब एक साफ संदेश मिल गया है, अगर वे मेनबोर्ड पर जाना चाहती हैं तो उन्हें अपनी वित्तीय स्थिति, संचालन और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत बनाना होगा। मेनबोर्ड में शामिल होने से कंपनियों को बड़े निवेशकों तक पहुंचने, अपने ब्रांड को मजबूत करने और नई ग्रोथ के मौके मिलने में मदद मिलेगी।
बाजार में पारदर्शिता और क्वालिटी का नया कदम
NSE का यह फैसला कैपिटल मार्केट में पारदर्शिता और उच्च क्वालिटी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मजबूत कंपनियों के लिस्ट होने से भारतीय शेयर बाजार की साख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी और बेहतर होगी।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस

Gold Rate Today: होली पर सस्ता हुआ सोना-चांदी का भाव, जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Gold Price Today: मिडिल ईस्ट जंग के बीच सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट

PM Kisan Yojana: किसानों के लिए सुनहरा मौका! PM Kisan योजना से पाएं 3000 रुपए महीना, ऐसे भरें फॉर्म

Silver Price Today: 9 मार्च को चांदी की कीमत में आई गिरावट...35,000 टूटे भाव, जानिए 1 किलो चांदी का भाव



Click it and Unblock the Notifications