क्या शनिवार, 26 सितंबर 2026 को आपके ब्रोकर ऐप पर शेयर बाजार के भाव बदलते दिख रहे हैं? ध्यान दें, ये सिर्फ टेस्ट डेटा है, कोई असली या लाइव ट्रेड नहीं। आज एनएसई (NSE) और बीएसई (BSE) एक खास मॉक सेशन आयोजित कर रहे हैं। इस दौरान बाजार के बुनियादी सिस्टम की मजबूती जांचने के लिए ट्रेडिंग को प्राइमरी साइट से डिसआस्टर रिकवरी (DR) साइट पर शिफ्ट किया जा रहा है। आज दिए गए किसी भी ऑर्डर से न तो कोई सेटलमेंट होगा और न ही आपके नफा-नुकसान (P&L) पर कोई असर पड़ेगा। हालांकि, इस दौरान ब्रोकर ऐप्स पर आपको लाइव जैसे रेट्स और चार्ट्स चलते हुए दिख सकते हैं। इसे महज एक प्रैक्टिस ड्रिल की तरह लें, इसमें सौदेबाजी या दांव लगाने की कोशिश बिल्कुल न करें।
बीएसई (BSE) के करेंसी डेरिवेटिव्स मॉक सेशन का शेड्यूल देखें तो सुबह 9:15 से 10:00 बजे तक लॉगिन का समय है। इसके बाद सुबह 10:00 से दोपहर 2:00 बजे तक प्राइमरी साइट से ट्रेडिंग होगी। फिर दोपहर 2:00 से 2:45 बजे के बीच डीआर (DR) साइट पर स्विच किया जाएगा, जिसके बाद दोपहर 2:45 से शाम 4:45 बजे तक डीआर साइट से ट्रेडिंग चलेगी। शाम 5:00 बजे तक ट्रेड मॉडिफिकेशन का समय दिया गया है। दूसरी ओर, एनएसई (NSE) के करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट का मॉक सेशन प्राइमरी साइट से सुबह 11:00 से दोपहर 12:30 बजे तक और डीआर साइट से दोपहर 1:15 से 2:30 बजे तक आयोजित किया गया है। इसके बाद दोपहर 2:40 बजे तक ट्रेड में बदलाव और शाम 4:00 से 4:30 बजे के बीच दोबारा लाइव लॉगिन होगा। आज NSE के कई अन्य सेगमेंट्स में भी मॉक सेशंस रखे गए हैं।

शनिवार को स्पेशल मॉक ट्रेडिंग: NSE और BSE की DR साइट्स का क्या है शेड्यूल?
| एक्सचेंज और सेगमेंट | प्राइमरी साइट का समय | DR साइट का समय | अन्य जरूरी गतिविधियां |
|---|---|---|---|
| BSE, करेंसी डेरिवेटिव्स | सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक | दोपहर 2:45 बजे से शाम 4:45 बजे तक | लॉगिन: सुबह 9:15–10:00 बजे; ट्रेड मॉडिफिकेशन: शाम 5:00 बजे |
| NSE, करेंसी डेरिवेटिव्स | सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक | दोपहर 1:15 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक | ट्रेड मॉडिफिकेशन: दोपहर 2:40 बजे; री‑लॉगिन: शाम 4:00–4:30 बजे |
आखिर यह मॉक ट्रेडिंग क्यों जरूरी है? दरअसल, भारतीय शेयर बाजार के पूरे इन्फ्रास्ट्रक्चर को किसी भी आपात स्थिति के लिए सुरक्षित और मजबूत बनाए रखने के मकसद से समय-समय पर बिजनेस कंटीन्यूटी प्लान (BCP) और डिसआस्टर रिकवरी (DR) की मॉक ड्रिल की जाती हैं। बाजार नियामक सेबी (SEBI) के नियमों के मुताबिक, सभी एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन को समय-समय पर अपनी डीआर (DR) तैयारियों की जांच और स्विचओवर टेस्ट करना अनिवार्य है। आज के इस मॉक सेशन से आपके पोर्टफोलियो या वित्तीय देनदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आपके ट्रेडिंग ऐप पर शेयर के रेट भले ही लाइव जैसे दिखें, लेकिन इससे आपकी होल्डिंग्स में कोई बदलाव नहीं होगा।
खुदरा निवेशकों के लिए काम की बात: मॉक ट्रेडिंग के दौरान क्या करें और क्या न करें
अगर आप शनिवार को ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सिर्फ इसके रिस्पॉन्स, ऑर्डर एंट्री, चार्ट्स और काम करने की स्पीड पर नजर रखें—ब्रोकर्स अक्सर इस दौरान ऐप पर नोटिफिकेशन भी भेजते हैं। अगर डेटा में कोई खराबी या रुकावट दिखे, तो दोबारा लॉगिन कर लें या वेब टर्मिनल का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें, हड़बड़ी में आकर या असली सौदा समझकर कोई भी स्टॉप-लॉस या मार्केट ऑर्डर न लगाएं। सोमवार, 28 सितंबर 2026 को जब नियमित बाजार खुले, तो यह जरूर चेक कर लें कि आपकी पोजीशन और P&L वही हैं जो शुक्रवार को बाजार बंद होने के वक्त थीं। किसी भी संशय की स्थिति में अपने ब्रोकर के नोटिस बोर्ड या हेल्प सेंटर की मदद लें।
आज की मुख्य बात यह है कि वीकेंड पर ऐप में दिख रहे किसी भी उतार-चढ़ाव को महज एक टेस्टिंग मानकर चलें। अगर आप अपनी ओर से ऑर्डर डालकर ऐप चेक भी कर रहे हैं, तो क्वांटिटी बिल्कुल कम रखें और जांचने के तुरंत बाद ऑर्डर कैंसिल कर दें। आपके मार्जिन, लेजर और शेयर होल्डिंग्स पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे और इस मॉक ड्रिल से कोई सेटलमेंट नहीं होगा। अगर आपका ब्रोकर इसमें शामिल है, तो वह इसकी जानकारी नोटिफिकेशन या स्टेटस पेज के जरिए दे देगा। सोमवार से नॉर्मल ट्रेडिंग शुरू होने से पहले इस पूरी कवायद का इकलौता मकसद बाजार के सिस्टम की मजबूती परखना है, मुनाफा कमाना नहीं।


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