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बदल गया NPS Withdrawal का नियम, ऐसे मिलेगी पेंशन, जानिए सबकुछ

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बदल गया NPS Withdrawal का नियम, जानिए क्या हुआ

NPS Withdrawal Rules : कोविड के समय में कई लोगों को फाइनेंशियल कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ऐसे में राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के सदस्यों ने अपनी जमा राशि को आंशिक रूप से निकालने का काम किया। हालांकि अब पैसे निकालने के संबंध में कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। आगे जानिए क्या हैं ये नये नियम।

 

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क्या है नियम

क्या है नियम

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एनपीएस से पैसे निकालने को लेकर एक नया आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक सरकारी क्षेत्र के सभी सब्सक्राइबर्स (केंद्र, राज्य और सेंट्रल ऑटोनोमस बॉडी) के सब्सक्राइबर्स अब आंशिक निकासी (एनपीएस आंशिक निकासी यानी समय से पहले कुछ पैसा निकालना) के लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। इस आवेदन को केवल नोडल अधिकारी के पास जमा करना होगा।

पहले क्या दी थी अनुमति
 

पहले क्या दी थी अनुमति

इससे पहले पीएफआरडीए ने जनवरी 2021 में एनपीएस सब्सक्राइबर्स को सेल्फ-डिक्लेरेशन की मदद से आंशिक निकासी के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अनुमति दी थी। सब्सक्राइबर्स द्वारा भेजे गए इन ऑनलाइन आवेदनों को सीधे सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (सीआरए) सिस्टम के माध्यम से प्रोसेस्ड किया गया और इसके बाद इंस्टैंट बैंक खाता वेरिफिकेशन किया गया।

कब से लागू होंगे नये नियम
ये नये नियम 1 जनवरी, 2023 से लागू होंगे। पीएफआरडीए ने इस मामले में सब्सक्राइबर्स के फायदे के लिए एक सर्कुलर जारी किया है। एनपीएस निकासी नियम के अनुसार एनपीएस में कम से कम 3 साल के लिए निवेश किया जाना जरूरी है। सब्सक्राइबर के कुल योगदान से 25% की निकासी संभव है। सब्सक्रिप्शन अवधि के दौरान कुल 3 बार निकासी संभव होगी। कुछ महत्वपूर्ण कारणों से आंशिक निकासी संभव है।

एनपीएस निकासी नियमों के कारण

एनपीएस निकासी नियमों के कारण

- बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पैसा निकाला जा सकता है
- बच्चों की शादी के विवाह के लिए पैसा निकाला जा सकता है
- घर की खरीद/निर्माण के लिए पैसा निकाला जा सकता है
- गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पैसा निकाला जा सकता है

एनपीएस में निवेश के फायदे
एनपीएस में निवेश करने के कई फायदे हैं। इनमें नेशनल पेंशन सिस्टम 80सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट (एनपीएस बेनिफिट्स) का लाभ मिलता है। आप मैच्योरिटी पर जमा राशि का 60 फीसदी तक निकाल सकते हैं। बाकी पैसा पेंशन या एन्युटी के लिए रखा जाता है। यह नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट भारत सरकार द्वारा सपोर्ट किया जाता है और भारत सरकार के तहत पेंशन फंड रेगुलेटर यानी पीएफआरडीए द्वारा संचालित है, इसलिए इसमें निवेश करना बिल्कुल सुरक्षित है।

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एनपीएस को ऐसे करें रीएक्टिवेट

एनपीएस को ऐसे करें रीएक्टिवेट

एनपीएस खाता और पीआरएएन (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) को तब 'इनेक्टिव' या 'फ्रोजन' मान लिया जाता है, यदि ग्राहक इसमें न्यूनतम वार्षिक राशि का निवेश नहीं करता है। ऐसे खाते को रीएक्टिवेट या अनफ्रीज करने के लिए कुछ स्टेप्स को फॉलो करना होगा। खाते को अनफ्रीज करने के लिए, ग्राहक को फ्रीज अवधि के दौरान के न्यूनतम योगदान का कुल भुगतान करना होगा। साथ ही 100 रुपये का जुर्माना। खाते को अनफ्रीज करने के लिए, आपको पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (पीओपी) पर जाना होगा और आवश्यक शुल्क का भुगतान करना होगा। ईएनपीएस खातों के लिए योगदान ऑनलाइन किया जा सकता है।

English summary

NPS Withdrawal rule changed how you will get pension know everything

These new rules will come into effect from January 1, 2023. PFRDA has issued a circular in this matter for the benefit of the subscribers. As per the NPS withdrawal rules, it is necessary to be invested in NPS for at least 3 years.
Story first published: Tuesday, December 27, 2022, 18:36 [IST]
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